निर्वाचन आयोग ने चुनावी राज्यों में ओपिनियन पोल पर लगा दी रोक, जानिए-उल्लंघन करने वालों को होगी कितने वर्षों की जेल

निर्वाचन आयोग ने चुनावी राज्यों में ओपिनियन पोल पर लगा दी रोक, जानिए-उल्लंघन करने वालों को होगी कितने वर्षों की जेल

दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने एक अहम निर्णय लेते हुए चुनावी राज्यों में चैनलों को ओपिनियन पोल करने पर रोक लगा दी है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को लेकर जारी प्रचार-प्रसार के बीच चुनावी हवा का रुख जानने के लिए न्यूज चैनलों पर इन दिनों लगातार ओपिनियन पोल किये जा रहे हैं. इसे लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने एक आदेश में स्पष्टीकरण जारी किया है.

अपने आदेश में साफ कहा है कि किसी भी तरह के एग्जिट पोल पर 10 फरवरी सुबह 7 बजे से लेकर 7 मार्च शाम 6:30 बजे तक रोक रहेगी. आयोग द्वारा पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर के लिए एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाया गया है.

जानकारी के अनुसार एग्जिट पोल कराने, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके प्रकाशन या इसके प्रचार पर 10 फरवरी को सुबह 7 बजे से 7 मार्च को शाम 6.30 बजे तक प्रतिबंध लगा दिया गया है. कहा गया कि ओपिनियन पोल पर चुनाव संपन्न होने के 48 घंटे पहले से रोक रहेगी. किसी भी व्यक्ति ने आदेश का उल्लंघन किया तो उसे दो साल की जेल या जुर्माना या दोनों सजा मिलेगी.

कोरोना का हाल देखते हुए चुनाव आयोग ने पूर्व में ही फिजिकल रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध  बढ़ाकर 31 जनवरी तक कर दिया था.  उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में वोट डाले जायेंगे. इसके अलावा उत्तराखंड की 70 और गोवा की 40 सीटों पर एक ही चरण में 14 फरवरी को वोट पडेंगे 117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में मतदान होगा.


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