छपरा जहरीली शराब त्रासदी में बड़ी कार्रवाई, DSP का होगा स्थानांतरण ! थानाध्यक्ष और सिपाही निलंबित, SIT गठित

छपरा जहरीली शराब त्रासदी में बड़ी कार्रवाई, DSP का होगा स्थानांतरण ! थानाध्यक्ष और सिपाही निलंबित, SIT गठित

पटना. छपरा जहरीली शराब त्रासदी में पुलिस वालों पर कार्रवाई की गई है. इस मामले में मढ़ौरा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इंद्रजीत बैठा के स्थानांतरण और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. साथ ही मसरख थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा एवं आरक्षक यानी सिपाही विकेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. गुरुवार को इन पुलिसकर्मियों पर विभाग की ओर से गाज गिरी है. इसमें कहा गया है कि मद्यनिषेध कानून के क्रियान्वयन एवं आसूचना संकलन में बरती गयी घोर लापरवाही एवं पूर्ण विफलता के साथ हीं आदेशोल्लंघन, कर्तव्यहीनता एवं संदिग्ध आचरण के आरोप में पु०अ०नि० रितेश मिश्रा, थानाध्यक्ष मशरख थाना एवं चौकीदार 5/4 विकेश तिवारी को निलंबित किया गया है। वही सोनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह एएसपी अंजनी कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जहरीली शराब कांड के उद्भेदन की जिम्मेवारी दी गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है. स्थानीय लोगों की माने तो मरने वालों की संख्या 31 तक पहुंच गई है. 

वहीं अभी भी कई लोगों की हालत खराब है. दर्जनों लोगों का उपचार अस्पताल में चल रहा है. इसके अलावा पुलिस ने शराब तस्करी से जुड़े कई लोगों पर भी कार्रवाई की है. सूत्रों के अनुसार अलग अलग क्षेत्रों में करीब 83 लोगों को पकड़ा गया है. जहरीली शराब कांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया गया है. घटना के बाद से जान गंवाने वाले गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा है. हर ओर चीख पुकार मची है. वहीं कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है कि इस शराबकांड का असली सरगना कौन है. हालांकि गांव वाले कहते हैं कि यहां शराबबंदी का कोई असर नहीं दिखता. आए दिन लोगों को शराब में नशे में देखा जाता है. ऐसे में शराबबंदी के बाद भी इस तरह से शराब मिलना और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने से हर कोई स्तब्ध है. 


स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह “सीग्रीवाल” ने सारण (छपरा) जिला के पुलिस अधीक्षक (SP) को तुरंत बर्खास्त कर उनके ऊपर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग सरकार से करते हुए कहा कि शराब बंदी है तो शराब उपलब्ध कैसे हो रहा है ? उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाया. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि बिहार सरकार और प्रशासन के संरक्षण में शराबबंदी के नाम पर अवैध शराब का कारोबार कराया जा रहा है l उन्होंने यह भी कहा कि सारण (छपरा) जिला में इसके पहले भी जहरीली शराब पीने से दर्जनों गरीब-गुरबे परिवार के लोगों की मौत हो चुकी है l आए दिन एसी घटनाओं से यह साबित होता होता है कि सारण (छपरा) जिला SP का अवैध शराब के कारोबार का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है l इसलिए इनके उपर तत्काल एक्शन लेते हुए इन्हें बर्खास्त किया जाये l

जनार्दन सिंह “सीग्रीवाल” ने कहा कि आज इस घटना से यह साबित हो रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री का शराबबंदी के नाम पर केवल नाटक चल रहा है l इनका भी अवैध शराब के कारोबारियों को संरक्षण प्राप्त है l जिस कारण आज आराम से लोगों के घरों तक शराब पहुँचाया जा रहा है l जिससे पीकर गरीब-गुरबों का मौत हो रहा है l साथ ही सांसद “सीग्रीवाल” ने कहा कि आज मुख्यमंत्री जी से जब एसी घटनाओं के बारे में सवाल किया जाता है तो वे कहते हैं कि पीयेंगें तो मरेंगें नहीं, बताइए कितना हास्यपद है l इसलिए मुख्यमंत्री नितीश कुमार को अपने शराबबंदी के नाटक को तुरंत बंद करना चाहिए l जिससे कि बिहार के गरीब-गुरबे और पीड़ित लोगों का जान बचाया जा सके l

अंत में सांसद “सीग्रीवाल” ने मशरक शराब कांड में मृतक परिवारों के प्रति गहरा शोक संवेदना व्यस्त करते हुए बिहार सरकार से मांग किया कि घटना में मृतक प्रत्येक परिवार को पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाये l क्योंकि यह घटना स्वभाविक नहीं सरकार की गलत शराब निति के कारण प्रायोजित है l


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