बाढ़ जो ना कराए: कार की जगह नाव से ससुराल पहुंची नववधु, घर की चौखट की जगह छत पर पूरी की गई विधि और रस्में

बाढ़ जो ना कराए: कार की जगह नाव से ससुराल पहुंची नववधु, घर की चौखट की जगह छत पर पूरी की गई विधि और रस्में

BHAGALPUR: हमारे यहां शादी एक उत्सव के तौर पर मनाया जाता है, जिसकी तैयारी महीनों पहले से शुरू हो जाती है। वर-वधु सहित हरेक व्यक्ति के अपने-अपने अरमान होते हैं, और सभी यही चाहते हैं कि उनकी शादी धूमधाम से हो और किसी तरह की विघ्न-बाधा ना आए। हालांकि इस संबंध में यदि बिहार की बात की जाए तो यहां अभी बाढ़ अपना कहर ढा रही है। बाढ़ की विभीषिका के बीच ही शादी-विवाह सहित अन्य जरूरी कर्मकांड किए जा रहे हैं।

इसी बीच खबर आई है भागलपुर जिले से, जहां बाढ़ प्रभावित गांव पहुंचे नवदंपति के अरमान तब धरे के धरे रह गए, जब उन्हें अपने चारों तरफ पानी के अलावा कुछ नजर ही नहीं आय़ा। इस जल प्रलय के बीच जब नववधु प्रियंका शादी के बाद पहली बार अपने ससुराल पहुंची तो उसके सभी अरमान पर इस बाढ़ ने पानी फेर दिया। दरअसल भागलपुर के सबौर प्रखंड के फरका गांव निवासी रवि कुमार की शादी, कुर्सेला प्रखंड की मालिनी के प्रियंका के साथ महीनों पहले तय हुई थी। हालांकि शादी की तिथि जैसे जैसे नजदीक आई, गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण पूरा इलाका बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गया और गांव का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया। ऐसी हालत में शादी का तिथि तय थी, इसीलिए नियत तिथि पर 17 अगस्त को रवि अपने परिजनों के साथ नाव से पहुंचे । वहां शादी करने के बाद वह कुर्सेला पहुंचे, जिसके बाद वह अपनी नई नवेली दुल्हन को ससुराल से विदा कराकर पहली बार अपने घर लाया। 

इस दौरान जब बाराती पक्ष नववधु के साथ वापस सबौर पहुंचे तो अपने घर जाने के लिए दुल्हन को नाव पर बिठाकर बाढ़ से जलमग्न हो चुके अपने गांव ले जाना पड़ा। इस दौरान नाव से दूल्हा, दुल्हन सहित सभी लोग रवि के घर की छत पर उतरे। ऐसा इसलिए क्योंकि रवि का अपने घर की निचली मंजिल भी पानी से लबालब भरा है। ऐसे में दुल्हन की द्वार पूजा सहित अन्य सभी विधियां घर की छत और ऊपरी मंजिल पर ही पूरी की गई। वहीं लड़की के भाई सौरभ ने कहा कि उसकी बहन पहली बार ससुराल आई है। जिस तरह बाढ़ के कारण भयावह स्थिति है, हम सभी आगे के हालात को लेकर डरे हुए हैं।



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