'गृह वाटिका' होम्स ने सभी 5 शिकायतकर्ताओं की राशि किये वापस,रेरा कोर्ट में सबूत जमा...16 अप्रैल को निबंधन पर लगी रोक हटने की संभावना

'गृह वाटिका' होम्स ने सभी 5 शिकायतकर्ताओं की राशि किये वापस,रेरा कोर्ट में सबूत जमा...16 अप्रैल को निबंधन पर लगी रोक हटने की संभावना

PATNA: बिहार में रेरा एक्शन में है। अब तक कई डेवलपर्स पर कार्रवाई की गई है। फर्जीवाड़े में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई अग्रणी ग्रुप ऑफ कम्पनीज पर की गई है जहां रेरा ने सारे प्रोजेक्ट को जब्त कर ग्राहकों के भुगतान का आदेश दिया है। रेरा ने कई अन्य बिल्डरों पर भी कार्रवाई की है और अंतरिम आदेश के तहत फ्लैट बिक्री पर रोक लगा रखी है। रेरा ने 24 मार्च को गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लि. के खिलाफ भी अंतरिम आदेश जारी किया था और चार प्रोजेक्ट के निबंधन पर तात्कालिक तौर पर रोक लगा दी थी। रेरा के आदेश के तुरंत बाद कंपनी ने सभी शिकायतकर्ताओं के पैसे वापस कर दिये हैं। अब पूरी संभावना है कि अगली सुनवाई में लगी बेंच कंपनी पर लगी रोक हट जायेगी। 

कंपनी ने 3 अप्रैल को ही सभी 5 शिकायकर्ताओं के खाते में भेज दी राशि

गृह वाटिका होम्स प्राइवेट लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत कुमार झा ने बताया कि किसी कारणवश रेरा ने 24 मार्च को एक अंतरिम आदेश जारी किया था। पांच लोगों ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी उनके बकाये पैसे नहीं दे रही। शिकायत की सुनवाई के बाद रेरा ने तत्काल फ्लैट के निबंधन पर रोक लगा दी थी । उन्होंने कहा कि 24 मार्च के उस आदेश की कॉपी जैसे ही उनके पास पहुंची इसके बाद 3 अप्रैल 2021 को उन सभी पांच लोगों का पैसा उनके खाते में भेज दिया गया है। इसका सबूत भी रेरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है। कंपनी की तरफ से सभी पांच शिकायतकर्ता के खाते में भेजी गई राशि का सबूत रेरा कार्यालय में जमा हो गया है. अगली सुनवाई यानी 16 अप्रैल को रेरा बेंच इसकी समीक्षा करेगी। हमने रेरा कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन किया है लिहाजा पूरी संभावना है कि 16 अप्रैल को हमारी कंपनी के प्रोजेक्ट के निबंधन पर लगी रोक हट सकती है। 

5 लोगों ने रेरा में दर्ज कराई थी शिकायत

दरअसल रचना द्विवेदी, नवनीत कुमार, तारिक जमील, रविंद्र कुमार सिन्हा, अमजद अली ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि गृह वाटिका होम्स पैसे की वापसी नहीं कर रहे। इसके बाद रेरा ने अंतरिम आदेश जारी किया और गृह वाटिका के 4 प्रोजेक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी. इस केस की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। अब जबकि कंपनी ने सभी शिकायतकर्ताओं की शिकायत को दूर कर दी है लिहाजा पूरी संभावना है कि 16 तारीख को रेरा की तरफ से लगाई गई रोक हटा ली जाये।   

सबसे अधिक शिकायत अग्रणी ग्रुप ऑफ कम्पनीज के

बता दें कि रेरा में बिल्डरों की लगातार शिकायतें मिल रही है। पांच सबसे अधिक शिकायत वाले बिल्डर-प्रमोटरों की बात करें तो पहले नंबर पर अग्रणी ग्रुप ऑफ कम्पनीज है। इसके 51 शिकायत यानी 27.56 फीसदी अकेले इस कंपनी के हैं. वहीं भूतेश कंस्ट्रक्शन के 11 कंप्लेन 5.88 फीसदी,उत्कर्ष इंफ़्रा कंस्ट्रक्शन के 11 5.88 फीसदी,नेश इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के 8 कंप्लेन 4.32 फीसदी और ब्रह्म इंजीनियर एंड डेवलपर्स के 4 यानी 2.13 फीसदी शिकायत मिले हैं.

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