मोतिहारी में 'ओपीडी में कुत्ता' वाला सरकारी अस्पताल एक बार सुर्ख़ियों में, मोबाइल की लाइट में मरीज का हुआ इलाज, वीडियो वायरल

मोतिहारी में 'ओपीडी में कुत्ता' वाला सरकारी अस्पताल एक बार सुर्ख़ियों में, मोबाइल की लाइट में मरीज का हुआ इलाज, वीडियो वायरल

MOTIHARI : मोतिहारी में एक ऐसा अस्पताल है जो हमेशा अपने कारनामो को लेकर सुर्खियों में रहता है। हाल ही में अस्पताल के ओपीडी टेबल पर कुत्ता बैठने का वीडियो वायरल हुआ था। अब एक बार फिर अस्पताल में मोबाइल जलाकर मारपीट में जख्मी मरीज का इलाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सोशल मीडिया पर लोग यह कहते नही थक रहे कि वाह से स्वास्थ्य व्यवस्था। आमलोगों को बेहतर स्वाथ्य सुविधा देने का दावा धरातल पर आते ही टाय टॉय फीस हो जा रही है। मामला मोतिहारी के सीएचसी सुगौली का बताया जा रहा है।


बता दें की मोतिहारी जिला मोबाइल के लाइट में परीक्षा लेने से लेकर सदर अस्पताल में भी मरीजों के इलाज के लिए सुर्खियों में रहा है। ताजा मामला सुगौली सीएचसी में सामने आया है। जहाँ मोबाइल की लाइट जलाकर मरीज का इलाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व सुगौली थाना क्षेत्र के एक गांव में जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में जख्मी को इलाज के लिए सीएचसी सुगौली लाया गया।

मरीज पहुंचा तो अस्पताल में पूर्ण रूप से अंधेरा था। फोन करने पर डॉक्टर पहुंचे। लेकिन लाइट गायब था। मरीज का इमरजेंसी होने के कारण डॉक्टर द्वारा मोबाइल के रोशनी व टार्च के रोशनी में इलाज कर रेफर कर दिया गया। मोबाइल के रोशनी में मरीज का इलाज करने का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो खूब ट्रौल हो रहा है। लोग यह कहते नही थक रहे कि 15 दिन भी नही बीते ओपीडी में डॉक्टर के बदले कुत्ता टेबल पर बैठा था। अब रात में मरीज के साथ टार्च वाला मोबाइल भी लाना अनिवार्य होगा। यही है स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल।

सुगौली सीएसची प्रभारी ने इस संबंध में बताया कि विधुत आपूर्ति ट्रिप करने के कारण सप्लाई बंद था। मरीज पहुँचने पर जेनरेटर संचालक को फोन किया गया तो उसका जेनरेटर एयर ले लिया था। संचालक द्वारा एयर निकालकर जेनरेटर को चालू किया गया। तबतक मोबाइल की रोशनी में मरीज का इलाज करते कोई वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। जेनरेटर संचालक का एक वर्ष से भुगतान नहीं होने के कारण उस पर दबाव भी नही बनाया जा सकता है। ऐसे सीएचसी की व्यवस्था सुधार का प्रयास किया जा रहा है।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट 

Find Us on Facebook

Trending News