इस राज्य में सरकारी मदरसे और संस्कृत स्कूलें होंगी बंद, सरकार ने कहा-यह हमारा काम नहीं

इस राज्य में सरकारी मदरसे और संस्कृत स्कूलें होंगी बंद, सरकार ने कहा-यह हमारा काम नहीं

News4nation desk : सरकार द्वारासंचालित सभी मदरसों और संस्कृत स्कूलोंको बंद करने असम की सर्वानंद सोणोवाल सरकार ने बड़ा फैसला किया है।सरकार ने फैसला किया है कि राज्य में चल रहे धार्मिक स्कूलों को कुछ महीनों के भीतर हाई स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में बदल दिया जाएगा।

राज्य के शिक्षा मंत्री  ने कहा है कि हमने सभी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को हाई स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में बदलने का फैसला किया है, क्योंकि राज्य धार्मिक संस्थानों को फंड नहीं दे सकते। हालांकि उन्होंने साफ किया कि एक नियामक ढांचे के भीतर गैर सरकारी संगठनों/सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित मदरसे जारी रहेंगे। 

मंत्री ने कहा कि धार्मिक उद्देश्यों के लिए धर्म, धार्मिक शास्त्र, अरबी और अन्य भाषाओं की पढ़ाई कराना सरकार का काम नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर कोई गैर सरकारी संगठन यासामाजिक संगठन अपने पैसे खर्चकरके धर्म की पढ़ाई कराताहै तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन उसे भी एक नियामक ढांचे के अंदर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मदरसों मेंअगर कुरान को पढ़ाने के लिए राज्य के धन का उपयोग किया जाता है, तो हमें गीता, बाइबिल भी सिखाना होगा।

मंत्री ने साफ कर दिया कि केवल सरकार द्वारा संचालित धार्मिक स्कूलों को बंद किया जा रहा है।मदरसों और संस्कृत टोलों में काम करने वाले शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी। इन शिक्षकों को घर बैठे ही सेवानिवृत्त होने तक वेतन मिलेगा।अन्य विषयों के शिक्षक परिवर्तित सामान्य स्कूलों में अपने विषय पढ़ाना जारी रखेंगे।

 

 

 

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