हुजूर....समय से जांच रिपोर्ट मिल जाती तो बच सकती थी MLA मेवालाल की जान! अब राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

हुजूर....समय से जांच रिपोर्ट मिल जाती तो बच सकती थी MLA मेवालाल की जान! अब राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

PATNA : बिहार में कोरोना ने कोहराम मचा दिया है और सुशासन की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था देने में एक बार फिर से फेल साबित हो गयी। अमूमन बिहार में ऐसा ही होता जब आपदा आती है तो सरकार चादर तान सोई रहती है। आपदा से आम लोग जब त्राहिमाम कर उठते हैं तब जाकर सरकार की नींद खुलती है और इसके बाद शुरू होता है अफसरों और नेताओं का हाई लेवल दिखावा। चाहे पटना में जलजमाव का विपदा हो या मुज़फ़्फ़रपुर में चमकी बुखार या फिर कोरोना। बिहार सरकार समय से पहले सचेत नहीं होती। सब कुछ लूट जाने के बाद सिस्टम नींद से जागता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। कोरोना के इस महामारी में भी एक बार फिर से वही इतिहास दुहरायी गयी।

हुजूर.. रिपोर्ट समय से मिल जाता तो बच सकती थी जान

कोरोना संक्रमण की रफ्तार के आगे सरकार की तथाकथित तैयारी एक बार फिर से धरी की धरी रह गयी और मरीज बिना इलाज के मर रहे हैं। चंहुओर त्राहिमाम है और सरकार झूठी दलीलें दे रही है। जिलों की बात छोड़िए राजधानी पटना के हॉस्पिटल में बेड ऑक्सीजन और सुई नहीं है। अब तो खास लोग नीतीश सरकार की लापरवाही की भेंट चढ़ रहे। नीतीश कैबिनेट में एक दिन के विवादित मंत्री और जदयू के वर्तमान विधायक मेवालाल चौधरी सिस्टम की भेंट चढ़ गए। कोरोना से आज मेवालाल चौधरी की मौत हो गयी। मौत के साथ ही बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खुल गयी। जदयू विधायक की मौत के बाद  CM नीतीश ने दुख जताया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का एलान किया है।

अब राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार का एलान

अब जो जानकारी निकल कर सामने आई है उसके अनुसार मेवालाल चौधरी की कोरोना जांच की रिपोर्ट अगर समय से मिल गया होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। लेकिन उनका RTPCR जांच की रिपोर्ट काफी देर से आई जिस वजह से अस्पातल में उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सका। मेवालाल चौधरी की मौत के बाद उनके निजी सहायक शुभम ने नीतीश सरकार के कोरोना की तथाकथित तैयारी की पोल खोल दी । विधायक के निजी सहायक की मानें तो कोरोना जांच की रिपोर्ट समय से नहीं मिलने की वजह से उनकी मौत हो गयी। अगर जांच रिपोर्ट समय से मिल जाता तो शायद अस्पताल में समय से भर्ती हो जाते और उनकी जान बच सकती थी। 

जदयू विधायक के PA ने कहा कि मेवालाल चौधरी की तबियत 11 अप्रैल को तारापुर में ही बिगड़ी थी। इसके बाद 12 अप्रैल को RTPCR और एंटीजन टेस्ट किया गया,एंटीजन में रिपोर्ट निगेटिव आया जबकि RTPCR का रिपोर्ट नही मिला था।इसी बीच तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी तो 15 अप्रैल वे पटना आये।इसके बाद 16 तारीख को वे IGIMS में जांच करवाए थे। एंटीजन में निगेटिव और RTPCR का रिपोर्ट अब तक मिला नहीं था। तबियत लगातार खराब हो रही थी इसके बाद  वे पारस हॉस्पिटल जा चुके थे। इसके बाद कोरोना जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तबियत ज्यादा बिगड़ी तो पारस हॉस्पिटल गए लेकिन वहाँ भी बेड नही मिला।  ICU में बेड नहीं मिला तो ICU के बदले  इमरजेंसी के रखा गया। लेकिन उनकी हालत अधिक खराब हो रही थी रात में उनको ICU ले जाया गया जहां आज सुबह उनकी मौत हो गयी।

बुधवार को होगा अंतिम संस्कार

जदयू MLA का कहना है  कि उनका  पार्थिव शरीर अभी भी पारस अस्पताल में है। उनके बेटे विदेश में रहते हैं उन्हीं का इंतजार हो रहा। संभावना है कि बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट

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