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कुढ़नी में औंधे मुंह गिरने से सदमे में जेडीयू ! CM 'नीतीश' के तीन मंत्रियों ने एक साथ ही जन सुनवाई से बनाई दूरी, कोसते हुए वापस लौटे फरियादी

कुढ़नी में औंधे मुंह गिरने से सदमे में जेडीयू ! CM 'नीतीश' के तीन मंत्रियों ने एक साथ ही जन सुनवाई से बनाई दूरी, कोसते हुए वापस लौटे फरियादी

PATNA: बिहार विधानसभा की कुढ़नी सीट पर सत्ताधारी दल जेडीयू की करारी हार से पूरी पार्टी सदमे में है। जेडीयू के नेता हार को अप्रत्याशित बता रहे हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू किस कदर सदमें में है, इसकी बानगी आज प्रदेश कार्यालय में दिखी। कुढ़नी में भाजपा के हाथों मिली पराजय के बाद जनता दरबार में एक भी मंत्री शामिल नहीं हुए। शुक्रवार को जेडीयू कोटे से तीन मंत्री जन सुनवाई में शामिल होकर फरियाद सुनते हैं, पर आज एक भी नहीं पहुंचे. मंत्रियों की राहत देखते-देखते फरियादी कोसते हुए लौट गए। 

तीन मंत्रियों की थी ड्यूटी

नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में मंगलवार से शुक्रवार तक जन सुनवाई आयोजित की जाती है. सप्ताह में चार दिनों में प्रति दिन दो या तीन मंत्रियों की ड्यूटी लगी है। आज शुक्रवार को भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय झा और विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित सिंह को हाजिर होना था। लेकिन तीनों मंत्री अनुपस्थित रहे। मंत्रियों के जनता दरबार को लेकर प्रदेश कार्यालय में कुर्सियां लगाई गईं थी। राज्य के कई जिलों से फरियादी भी पहुंचे थे. लेकिन जिन्हें फरियाद सुनना था वे ही अनुपस्थित रहे। मंत्री जब जन सुनवाई में शामिल नहीं हुए तो थक हारकर फरियादी वापस चले गये। 

तो सदमे में हैं नीतीश कैबिनेट के मंत्री ?

आखिर तीनों मंत्री क्यों नहीं आये ? इस पर चरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने कहा कि कुढ़नी में जेडीयू के चारो खाने चित्त होने के बाद पार्टी गहरे सदमे में है. मंत्री अगर जन सुनवाई कार्यक्रम में शामिल होते तो मीडिया वालों को जवाब क्या देते....। चुनाव परिणाम से पहले तक जेडीयू कोटे के मंत्री बड़े मार्जिन से जीत के दावे कर रहे थे. लेकिन यहां तो उल्टा हो गया. भाजपा के हाथों नीतीश कुमार के कैंडिडेट मनोज कुशवाहा की करारी हार हो गई। मंत्री जन सुनवाई में क्यों नहीं शामिल हुए? इसकी जब पड़ताल की गई तो बताया गया कि सभी पटना से बाहर हैं. इसी वजह से जनता दरबार में शामिल नहीं हो सके। 

कुढ़नी की हार अप्रत्याशित- कुशवाहा 

कुढ़नी में जेडीयू की करारी हार के बाद पार्टी के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने अप्रत्याशित हार कहा है। उन्होंने कहा है कि हमलोग इसकी समीक्षा करेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी हार की समीक्षा की बात कही है। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह अब तक इस पर चुप्पी साध बैठे हैं. सीएम नीतीश यूपी में डिंपल यादव की जीत और हिमाचल में कांग्रेस की जीत पर बधाई दिये पर अपने राज्य कुढ़नी में पार्टी की हार पर चुप्पी साधे हैं.