बीजेपी के बाद अब जदयू ने जारी किया घोषणा पत्र, घोषणापत्र में सिर्फ सात निश्चय-2 ही शामिल, राजद युवाओं को कर रही गुमराह

बीजेपी के बाद अब जदयू ने जारी किया घोषणा पत्र, घोषणापत्र में सिर्फ सात निश्चय-2 ही शामिल, राजद युवाओं को कर रही गुमराह

पटना... बीजेपी के बाद अब जदयू ने भी बिहार विधानसभा 2020 के लिए अपना घोषणपत्र जारी कर दिया है। जदयू की तरफ से बसिष्ठ नारायण सिंह और अशोक चैधरी ने घोषणापत्र को जारी किया। जदयू ने अपने घोषणापत्र में केवल सात निश्चय-2 को ही तरजीह दिया है। पूरे होते वादे अब हैं नए इरादे के नारों के साथ जदयू ने अपने घोषणापत्र में सात निश्चय के अलावा कोई बात नहीं कही है। वहीं राजद के घोषणापत्र पर कटाक्ष करते हुए जदयू के नेताओं ने कहा कि राजद ने अपना घोषणपत्र ऐसे ही जारी किया है। ये लोग सरकार में आएंगे ही नही, इसलिए 10 लाख नौकरी देने की बात कर रह हैं। ये सरकार में आएंगे ही नहीं तो घोषणा पत्र को लागू क्या करेंगे।

जदयू के वरिष्ठ नेता अशोक चैधरी ने कहा कि हम सक्ष्म बिहार और स्वावलंबी बिहार बनाएंगे। नीतीश कुमार का चेहरा भरोसे का चेहरा है और नीतीश कुमार के चेहरे पर ही बिहार मतदान करेगी। वहीं उन्होंने तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तेजस्वी बिहार के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे, लालू यादव ने बिहार के गरीबों को गुमराह कर 15 साल तक राज किया था। अब तेजस्वी युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य का बजट लगभग 2 लाख 11 हजार करोड़ है, लेकिन महागठबंधन ने जो प्लान बनाया है, इसके लिए 5 लाख करोड़ के आसपास पैसा चाहिए। आखिर इतना बड़ा प्लान कैसे तैयार कर लिया है। ये पहले बताएं। ये कहते हैं 10 लाख नौकरी देंगे, लेकिन हमारे नेता सक्षम और स्वावलंबी बिहार बनाने की बात करते हैं। 

पिछले पांच वर्षाें में सात निश्चय को लागू किया गया है। जिसके तहत हर घर में बिजली पहुंचाई गई। हर घर में शौचालय निर्माण का काम एवं हर टोले तक संपर्कता का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। युवाओं के लएिसभी कार्यक्रम लागू है। जिसका लाभ बिहार के युवा उठा रहे हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। जदयू का मानना है कि आने वाली सरकार सात निश्चय 2 को लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 

सात निश्चय-2 की प्रमुख बिंदु

आर्थिक हल युवाओं को बल

युवा शक्ति बिहार की प्रगति

आरक्षित रोजगार महिलाओं का अधिकार

सशक्त महिला सक्षम महिला

हर घर बिजली 

हर खेत में सिंचाई के लिए पानी

हर घर नल का जल

स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव

घर तक पक्की गली नालियां

स्वच्छ शहर, विकसित शहर

शौचालय निर्माण, घर का सम्मान

सुलभ संपर्कता

अवसर बढ़े, आगे पढ़ें

सबके लिए, स्वास्थ्य सुविधा

बिहार में शराबबंदी




शराब को लागू करने की सोच वाली पार्टी से सावधान

गरीब लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे, इसका सबसे बुरा प्रभाव निर्धन लोगों को स्वास्थ्य एवं उनके आर्थिक स्थिति, खान-पान, घरेलू शांति एवं महिलाओं के सम्मान पर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए 5 अप्रैल 2016 को संपूर्ण बिहार में शराबबंदी का एलान कड़ाई से पालन किया गया। उन्होंने कहा कि जदयू की शराबबंदी नीति को कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में गांधी जी का चित्र लगाकर शराबबंदी को हटाने का इरादा जताया। जबकि राष्ट्रपिता हमेशा शराब का विरोध किया करते थे। इसलिए ऐसे लोगों से सर्तक रहने की जरूरत है जो अपने शराब संचालित इरादों से लोगों को भ्रमित करना चाहती है। 



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