कुढ़नी में 'कुंहर' गई JDU.... अब तो आधार वोट भी हाथ से निकला ! 'नीतीश' की भद्द पिटने के बाद BJP की हार गिनाने में जुटी पार्टी, जारी किया रिपोर्ट कार्ड

कुढ़नी में 'कुंहर' गई JDU.... अब तो आधार वोट भी हाथ से निकला ! 'नीतीश' की भद्द पिटने के बाद BJP की हार गिनाने में जुटी पार्टी, जारी किया रिपोर्ट कार्ड

PATNA:  बिहार विधानसभा की कुढ़नी सीट पर सत्ताधारी जेडीयू चारो खाने चित्त हो गई। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को सात दलों का समर्थन भी काम न आया और धुर विरोधी भाजपा के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। कुढ़नी के रण में जदयू को अपने कोर वोटरों से भी हाथ धोना पड़ा है। बताया जा रहा है कि अतिपिछड़ा वोटरों ने जेडीयू की बजाय भाजपा को पसंद किया.यही वजह रही कि सारी ताकत लगाने के बाद भी नीतीश कुमार के उम्मीदवार मनोज कुशवाहा की हार हो गई। कुढ़नी में जेडीयू के कुहंरने के बाद नीतीश कुमार भाजपा के निशाने पर हैं. उप चुनाव में मिली हार से सत्ताधारी जेडीयू जहां सदमें में है वहीं, सहयोगी राजद भी भीतर ही भीतर खुश है। आरजेडी एक पूर्व विधायक ने कुढ़नी की हार के बाद मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है। उप चुनाव में मिली पराजय से जेडीयू नेतृत्व की बोलती बंद है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुढ़नी की हार के बाद मीडिया के सामने नहीं आये हैं, पर शनिवार को जेडीय़ू राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उन्होंने जरूर चुप्पी तोड़ी है। मुख्यमंत्री ने जहां हार की समीक्षा करने की बात कही है,वहीं भाजपा को ज्यादा खुश नहीं होने और मीडिया पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। नीतीश कुमार ने अपने नेताओँ से कहा कि आपलोग सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भाजपा की हार के बारे में बताएं.  

कुढ़नी में 'कुहंरने' के बाद जेडीयू ने भाजपा की हार को गिनाया 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फऱमान के बाद जेडीयू हरकत में आया है। पार्टी की सोशल मीडिया इकाई ने कुढ़नी हार से ध्यान हटाने को लेकर बीजेपी की हार को गिनाना शुरू किया है। जेडीयू के फेसबुक पेज पर आज एक पोस्ट किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि भाजपा एमसीडी चुनाव से लेकर हिमाचल विस का चुनाव हार गई। लेकिन मीडिया भाजपा की हार का जिक्र नहीं कर रही। जेडीयू के फेसबुक पेज पर लिखा गया है, ''भाजपा के डाउन फॉल को भी पैसे और प्रचार से ऐसा दिखाया जा रहा है, जैसे मीडिया की टीआरपी मोदी जी की झूठी लोकप्रियता से बढ़ती है। जबकि हाल ही में हुए 10 जगहों के चुनाव में भाजपा को 7 जगह जनता ने नकार दिया। प्रोपगेंडा आधारित भाजपा का सच कुछ और ही है। लेकिन सच सुपाच्य नहीं होता। इसीलिए कुढ़नी के नाम पर नीतीश कुमार को ही निशाना बनाकर भाजपा अपनी बदहज़मी का प्रदर्शन कर रही है।''

नीतीश ने कुढ़नी की हार पर पार्टी मीटिंग में तोड़ी थी चुप्पी 

बता दें, शनिवार को जेडीयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुढ़नी उप चुनाव में मिली करारी हार पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी। उऩ्होंने कहा था कि इसकी पूरी समीक्षा होगी। CM ने मीटिंग में कहा कि हमने कह दिया है कि सभी बूथों की लिस्ट मंगवाईये। जो वोट मिले हैं उसकी समीक्षा हो। कहां चूक रह गई तथा असंतोष रहा, इसकी पूरी पड़ताल करें।  या फिर सरकार की योजनाओं से लोगों में नाराजगी है या कोई कंफ्यूजन है, इन तमाम बातों की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने RJD के पूर्व विधायक अनिल सहनी द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने पूर्व विधायक अनिल सहनी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग अखबारों में देखे हीं होंगे, हम से इस्तीफा मांगा जा रहा है। एक नेता जिसके पिता को हमने काफी सम्मान दिया। उसे भी हमने राज्यसभा भेजा, लेकिन जब वह एक स्कैम में फंस गया तो हमने इस्तीफा देने को कहा। लेकिन उसने इस्तीफा नहीं दिया। जब राज्यसभा रिन्यूअल की बात आई तो हमने फिर से राज्यसभा नहीं भेजा। इसके बाद वह राजद में गया और वहां से विधायक बना। लेकिन उसी स्कैम केस में सजा हो गई, लिहाजा विधायकी चली गई। अब वहां पर उपचुनाव हुए, जहां हम लोगों ने अपना प्रत्याशी दिया था। लेकिन हार हुई है,इसकी पूरी समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश उप चुनाव से लेकर एमसीडी, हिमाचल प्रदेश में चुनाव हारी है, लेकिन मीडिया में इसकी कोई चर्चा नहीं। सिर्फ कुढ़नी पर फोकस किया जा रहा है कि जेडीयू वहां से बुरी तरह से हारी है।

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