'कैलाशपति मिश्र एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा संगठन थे', उनकी जयंती पर बोले- पूर्व एमएलसी केके सिंह

'कैलाशपति मिश्र एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा संगठन थे', उनकी जयंती पर बोले- पूर्व एमएलसी केके सिंह

पटना. 5 अक्टूबर को बीजेपी के संस्थापक सदस्य कैलाशपति मिश्र की जयंती मनायी गयी। इस अवसर उनके बेहद करीबी और पूर्व एमएलसी कृष्ण कुमार सिंह (कुमार साहब) ने उनके अनछुए पहलुओं को न्यूज4नेशन साझा किया। उन्होंने बताया कि कैलाशपति मिश्र जैसा व्यक्तित्व की परिकल्पना आज बिहार के लिए मुश्किल है। वे एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरा संगठन थे।

कैलाशपति मिश्र का जिक्र करते हुए कुमार साहब ने कहा कि उन्होंने जैसी बिहार की कल्पना की थी, अगर आज वह बिहार बन जाए, तो देश में सर्वांगीन विकास करते हुए देश में अव्वल दर्ज को प्राप्त कर सकता है। जन संघ की स्थापना हुई तो उन्हें बिहार में मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली। वह बिहार के कोने कोने में गए, लेकिन कभी किसी ने उनकी जाति नहीं पूछी, हर कोई उन्हें कैलाश जी के नाम से जानता था। उन्होंने न सिर्फ अविभाजित बिहार के लिए काम किया, बल्कि पं. बंगाल, दिल्ली और आसाम में जन संघ के लिए काम किया। बाद में वह गुजरात के राज्यपाल भी बने।

कैलाशपति मिश्र का जन्म का जन्म 5 अक्टूबर 1923 को बक्सर जिले के दुधारचक में हुआ था। वह 1971 में बिहार सरकार में वित्त मंत्री भी रहे थे। मिश्र बिहार में भाजपा के पहले प्रदेश अध्यक्ष और 1995 से 2003 तक पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे। वे गुजरात व राजस्थान के राज्यपाल भी रहे हैं। नवंबर 2012 में 89 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी से उनका निधन हो गया था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे कैलाशपति मिश्र अविवाहित थे।



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