कटिहार के कोढ़ा में न रोजगार है न विकास, फिर भी उम्मीद की बैशाखी पर लोकतंत्र को मजबूत करने डालते हैं वोट

कटिहार के कोढ़ा में न रोजगार है न विकास, फिर भी उम्मीद की बैशाखी पर लोकतंत्र को मजबूत करने डालते हैं वोट

कटिहार... बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में आखिरी चरण का मतदान आज हो रहा है। इस बार बिहार में तीन चरण में मतदान कराया गया। सभी राजनीतिक दलों ने अपने पक्ष में वोट डालने के लिए तूफानी चुनाव प्रचार किया। चुनाव प्रचार के दौरान वादों की झड़ी लगा दी। विकास के नाम पर नए-नए वादों और आश्वासनों का एक मुकाम बना दिया गया। रोजगार के साथ सड़क, बिजली और पानी पर वोट मांगे गए। हालाकि आजादी के बाद से ही सड़क बिजली और पानी का मुद्दा सबसे अग्रिम पंक्तियों में रहा है, लेकिन देश आज भी कई ऐसे इलाके हैं जो एक अदद सड़क की बाट जोह रहा है। दशकों से लोग लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा बनकर अपनी उम्मीदों को आज भी जगाए हुए हैं, इसके बावजूद उन्हें अब तक मूलभूत सुविधाओं से विहिन रहना पड़ रहा है। 

ऐसी ही एक बानगी कटिहार के कोढा विधानसभा के दानीपुर इलाके में देखने को मिली। जहां लोग आजादी के बाद अब तक कारी कोशी नदी में पुल नहीं बनने से परेशान हैं, इसके बाद भी लोग लोकतंत्र को मजबूत करने काम काम कर रहे हैं। मतदान तो करते हैं, लेकिन उन्हें दशकों से सिर्फ आश्वासन ही मिलता आया है, लेकिन सुविधा नहीं मिली। 

इस गांव के 1275 वोटर लोकतंत्र में मतदान को ही हथियार बनाकर विकास की उम्मीद पर एक बार फिर दो नदी पार करके मतदान के लिए जा रहे हैं, इन जागरूक मतदाताओं से मतदान के महत्व को लेकर लोगो के लिए संदेश भी दिया है। लोगों की माने तो हर बार वोट इसी उम्मीद देते हैं कि हमें नदी पर पुल मिलेगा, लेकिन हमें सिर्फ इंतजार ही करना पड़ रहा है। 

ऐसा नहीं है कि इस इलाके से होकर कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आता-जाता है, सभी आते हैं, लेकिन कभी भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि हमारी उम्मीद अभी भी जीवित है और लोकतंत्र में वोट डालकर हमेशा इसे जिंदा रखेंगे। 


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