किसान आंदोलन : सरकार और संगठनों के बीच फिर नहीं बनी बात, आज सरकार देगी लिखित प्रस्ताव, 12 बजे सिंधु बॉर्डर पर होगी बैठक

किसान आंदोलन :  सरकार और संगठनों के बीच फिर नहीं बनी बात, आज सरकार देगी लिखित प्रस्ताव, 12 बजे सिंधु बॉर्डर पर होगी बैठक

डेस्क... कृषि कानून को लेकर किसान और सरकार में सहमति बनती दिखाई नहीं दे रही है। सरकार बिल को वापस नहीं लेने पड़ अड़ी है तो किसान अपनी मांगों में किसी प्रकार का सांसोधन नहीं चाहते हैं। छठे दौर की बातचीत में गृहमंत्री के साथ संगठन की ओर से 13 किसान शामिल हुए और लगभग 2 घंटे तक बातचीत का दौर चला। मंगलवार को सरकार और किसानों की होने वाली वार्ता से पहले इस बैठक को अहम माना जा रहा था, लेकिन ये भी बेनतीजा रही। एक ओर जहां किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं तो वहीं गृह मंत्री ने कृषि से जुड़े तीनों कानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया।

अमित शाह और 13 किसान नेताओं की मुलाकात 2 घंटे चली। बैठक के बाद किसान नेता हनन मुल्ला ने कहा कि सरकार बुधवार को लिखित में प्रस्ताव देगी। किसान सरकार के प्रस्ताव पर दोपहर 12 बजे सिंधु बॉर्डर पर बैठक करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार के साथ बुधवार को होने वाली छठे दौर की वार्ता भी स्थगित कर दी गई है। हनन मुल्ला ने कहा कि सरकार कानून वापस नहीं लेगी।

बैठक में ये किसान नेता थे शामिल

गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मुला, शिव कुमार कक्का जी, बलवीर सिंह राजेवाल, रुलदू सिंह मानसा, मंजीत सिंह राय,बूटा सिंह, हरिंदर सिंह लखोवाल, दर्शन पाल, कुलवंत सिंह संधू, बोध सिंह मानसा और जगजीत सिंह ढलेवाल शामिल थे।

आपको बता दें कि गृह मंत्री से पहले किसान नेताओं की सरकार के साथ अब तक पांच राउंड की बैठक हो चुकी है। पांचों ही वार्ता बेनतीजा रही। इन बातचीत में सरकार और किसान अपने-अपने रुख पर अड़े रहे। सरकार जहां कृषि कानून को वापस लेने से इनकार कर रही है तो वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं।

सरकार किसानों के सामने संशोधन का प्रस्ताव भी दी थी, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया था। पांचवें दौर की बैठक के दौरान ही किसान नेताओं ने कहा था कि हमें फैसला चाहिए। हम हां या ना में जवाब चाहते हैं। 

Find Us on Facebook

Trending News