वकीलों ने भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में निभाई बड़ी भूमिका- योगेश चंद्र वर्मा

वकीलों ने भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में निभाई बड़ी भूमिका- योगेश चंद्र वर्मा

पटना. भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में हजारों-लाखों ने अपना योगदान और बलिदान दिया। देश के वकीलों ने भी इस संग्राम में बड़ी भूमिका निभाई। पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने बताया कि एडवोकेट एसोसिएशन न सिर्फ पटना हाईकोर्ट का सबसे पुराना, बल्कि सबसे बड़ा एडवोकेट एसोसिएशन हैं। इसने देश के स्वतन्त्रता संग्राम में बड़ी भूमिका निभाई थी।

उन्होंने बताया कि इस एडवोकेट एसोसिएशन के प्रथम अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जो कि बाद में भारत के पहले राष्ट्रपति बने। उन्होंने बताया कि देश के लिए बड़े बड़े वकीलों ने अपनी सफल वकालत छोड़ कर इस स्वतन्त्रता संग्राम में शामिल हुए। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, वरीय अधिवक्ता वासुदेव प्रसाद, बलदेव सहाय, केपी वर्मा जैसे वकील जेल भी गए।

वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने बताया कि चम्पारण आंदोलन में बिहार के वकीलों ने ही महात्मा गाँधी को आमन्त्रित किया। चम्पारण आंदोलन में उन्होंने गांधी जी को अपना सक्रिय सहयोग और समर्थन दिया।

उन्होने ने वकीलों के साहस और धैर्य की प्रशंसा करते हुए बताया कि जब 9 अगस्त,1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ, तो एडवोकेट एसोसिएशन के वकीलों ने इसके समर्थन ने एक प्रस्ताव पारित किया। उस समय पूरे कोर्ट परिसर में सुरक्षा बल तैनात रहे, लेकिन वकीलों ने बिना डर भय के इस आंदोलन को समर्थन दिया।उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में अन्य वर्गों के अलावे वकीलों ने भी बड़ी महत्वपूर्ण योगदान दिया। बल्कि उन्होंने इस संग्राम को दिशा और नेतृत्व दिया था।

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