कांवर लेकर देवघर जा रहे हैं महादेव के सबसे बड़े भक्त 'रावण', श्रावण माह में बाबा को खुश करने के लिए अनोखे तरीके आजमा रहे हैं कांवरिए

कांवर लेकर देवघर जा रहे हैं महादेव के सबसे बड़े भक्त 'रावण', श्रावण माह में बाबा को खुश करने के लिए अनोखे तरीके आजमा रहे हैं कांवरिए

BHAGALPUR : लंकापति रावण को महादेव का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। भारतीय ग्रंथ इस बात को मानते हैं कि शिव के आशीर्वाद से रावण को कई शक्तियां मिली थी। ऐसे में श्रावणी मेले में भगवान शिव को खुश करने के लिए नए नए तरीके आजमाए जा रहे हैं। यहां दो दिन पहले शुरू हुए मेले में अब रावण की भी इंट्री हो गई है। हालांकि यह रावण एक मूर्ति के रुप में है, जिसे कुछ कांवरियों द्वारा डोली कांवर पर लेकर देवघर की यात्रा शुरू की है। 

भागलपुर सुलतानगंज के अजगैबीनाथ धाम मे सावन माह में ज्यादातर कावड़ियां कांवर में जल भरकर जाते है वहीं कुछ कावड़ियां अपने आराध्य भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ अलग तरह के कांवर ले के चल रहे है ऐसा ही एक ग्रुप बंगाल के कोलकाता  से आकर 140 किलो का डोली कांवर या कहे प्रतिमा लेकर देवघर जा रहे है। यह प्रतिमा किसी देवता की नहीं, बल्कि लंकापति रावण की है। इस ग्रुप का मानना है कि लंकापति से बड़ा शिवभक्त कोई नहीं है। ऐसे में उनके प्रतिमा के साथ जल चढ़ाने पर महादेव प्रसन्न होंगे।

140 है वजन, चार लोगों मिलकर उठाते हैं कांवर

140 किलो के रावण की झांकी युक्त  कांवर उठाने के लिए एक बार में चार कावड़ियां को लगना पड़ता है वो भी पांच किलोमीटर जाकर फिर अगले ग्रुप को कांवर दे देता है इसी तरह वो पूरी 100 km की यात्रा कर देवघर पहुंचेगे। जहाँ देवघर जाने में अमूमन 3 से 4 दिन लग जाते है। वहीं कोलकाता का यह 36 घंटे ये डोली कांवर लेकर देवघर पहुँच जाएगा। 

इस ओम ग्रुप  के एक कांवरिया  प्रकाश ने बताया कि हम लोग कुल 12 कांवरिया हैं। इस तरह से वो लोग 2016 से कांवर लेकर जा रहे है। दो साल करोना महामारी होने पर नहीं जा सके थे। उसके बताया कि हर बार वह एक प्रतिमा के साथ देवघर जल चढ़ाने जाते हैं। इससे पहले अर्द्धनारिश्वरी, 12 शिवलिंग और गणेश भगवान की प्रतिमा के साथ जल चढ़ाने के लिए जा चुके हैं। उसके बताया कि सोमवार को हम देवघर में जल चढ़ाएंगे।

REPORTED BY BAL MUKUND KUMAR

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