महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी को नहीं मिली जमीन, राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी को नहीं मिली जमीन, राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

पटना. राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के एक प्रश्न के उत्तर में राज्यसभा में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने बताया कि महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (मोतिहारी) वर्तमान में अस्थाई कैंपस में चल रहा है। चूंकि कोई भूमि पूर्णतया प्राप्त नहीं हो सकी है, इस कारण भवन निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने कोई राशि नहीं दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय (गया) में 90 पद खाली है।

उन्होंने बताया कि मोतिहारी के लिए कुल 301.97 एकड़ भूमि बिहार सरकार को उपलब्ध करानी है, जिसमें प्रथम चरण में 102.39 एकड़ एवं दूसरे चरण में 28.45 एकड़ भूमि विश्वविद्यालय को ट्रांसफर की जा चुकी है। इसमें मात्र 28.45 एकड़ जमीन का ही म्यूटेशन हो पाया है। अभी भी बिहार सरकार को 134.57 एकड़ भूमि उपलब्ध कराना बाकी है।

उन्होंने कहा कि मोतिहारी में 140 स्वीकृत शैक्षणिक पदों के विरुद्ध 113 कार्यरत है और स्वीकृत गैर शैक्षणिक पदों में मात्र 26 कार्यरत है और 36 पद रिक्त है।मोतिहारी केंद्रीय विश्वविद्यालय के 20 कार्यरत विभागों में 12 किराए के भवन में और 8 वर्तमान भवन में चल रहे हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय (गया) के भवन निर्माण हेतु केंद्र सरकार ने 228.35 करोड़ की राशि निर्गत की थी, जो शत-प्रतिशत व्यय हो गई है। गया में शैक्षणिक स्वीकृत 214 पदों के विरुद्ध 154 कार्यरत हैं और 60 पद रिक्त है। गैर शैक्षणिक 1545 स्वीकृत है, जिसके विरुद्ध 120 कार्यरत हैं और 30 पद खाली है। रक्षा मंत्रालय की 300 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय को स्थानांतरित की जा चुकी है।

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