नगर निकाय चुनाव पर रोक को लेकर एमएलसी सच्चिदानंद राय का बीजेपी और नीतीश पर हल्ला बोल, कहा-CM का बिगड़ा मानसिक संतुलन

नगर निकाय चुनाव पर रोक को लेकर एमएलसी सच्चिदानंद राय का बीजेपी और नीतीश पर हल्ला बोल, कहा-CM का बिगड़ा मानसिक संतुलन

PATNA : पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 और 20 अक्टूबर को होने वाले बिहार नगर निकाय चुनाव पर रोक लगा दिया है। बिहार सरकार अब पटना हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। इस बीच बिहार में इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और जेडीयू में तलवारे खींच गई है। वहीं अब पूरे मामले को लेकर सारण के एमएलसी सच्चिदानंद राय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये तो होना ही था, जब कोई आदमी ये सोचने लगता है कि मैं ही सबकुछ हूँ। मैं जो कहूंगा वहीं कानून है, तो यही होता है। दुर्भाग्य की बात है कि सीएम नीतीश कुमार को सर्वशक्तिमान की फिलिंग दिलाने वाली पार्टी का नाम बीजेपी है। बीजेपी को बिहार के लोगों ने विकल्प के तौर पर चुना था। लेकिन बीजेपी वाले नीतीश कुमार को ही साल 2005 से नेतृत्व देते चले गए।  


उन्होंने कहा की साल 2020 में नीतीश कुमार स्वयं मुख्यमंत्री बनना नहीं चाहते थे, तो बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनने के लिए मनाया। नीतीश कुमार कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। नीतीश कुमार वहीं काम करते हैं जिससे वो सुरक्षित रहें। इसके लिए वो जातियों को बांटेंगे, अगड़ा-पिछड़ा करेंगे। ये सब करते-करते असली मुद्दे कभी सामने आने देते नहीं है। बाकि राज्यों के मुकाबले बिहार जहां था, उससे नीचे ही गया है। बिहार की प्रति व्यक्ति आय घटी ही है। पलायन, बेरोजगारी, अशिक्षा बढ़ी है, घटी नहीं है। किसानों की आमदनी घटी है, बढ़ी नहीं है। नीतीश कुमार इन सब मुद्दों पर बात तो करते ही नहीं है, ये तो बस जाति, जाति और जाति करते हैं।  

उन्होंने कहा की क्या नीतीश कुमार को पता नहीं था कि सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश था। आपने बिना कोई आयोग बनाए सीटों का रिजर्वेशन किया। ये तो तय था कोई व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में हाईकोर्ट जाएगा।  हाईकोर्ट तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में बिहार सरकार के खिलाफ निर्णय देगा। आप आरक्षण रखिए ना, क्या किसी ने आजतक आरक्षण का खिलाफत किया है। लेकिन आरक्षण से बिहारियों को क्या लाभ हुआ है। क्या इससे बिहारियों का किस्मत बदल गया है। आज आप नियोजित टीचर रख रहेंगे। आप तो एक काम एक वेतन भी तो नहीं दे रहे हैं। जिस हिसाब से आबादी बढ़ी है। आरक्षण से इसका समाधान नहीं हो सकता है। आरक्षण 100 समाधान में से एक समाधान है। बाकि 99 समाधान भी तो कीजिए ना आप। आप सिर्फ आरक्षण और जाति पर ही क्यों टिके हुए हैं।  आप जाति से आगे तो बढ़िए।  

सच्चिदानंद राय ने कहा की कभी-कभी नीतीश कुमार टीवी पर विक्षिप्त व्यक्ति की तरह दिखते हैं। आजतक आपने नीतीश कुमार को इतना उग्र होते देखा है। बात-बात खिसिया जाना, किसी बात पर तुम-ताम कर देना। निश्चित रूप से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ा है, इसलिए वो सोचते हैं कि मैंने जो फैसला कर दिया वहीं फाइनल है।

देबांशु प्रभात की रिपोर्ट  

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