मनरेगा राशि का बंदरबांटः श्रमदान से हुए चबूतरा निर्माण में लगाया सरकारी काम का बोर्ड, निकाली बड़ी राशि, ग्रामीणों में आक्रोश....

मनरेगा राशि का बंदरबांटः श्रमदान से हुए चबूतरा निर्माण में लगाया सरकारी काम का बोर्ड, निकाली बड़ी राशि, ग्रामीणों में आक्रोश....

NALANDA: बिहार में पंचायत चुनाव अभी भी अधर में लटका है। एक तरफ जहां अधिकारी जोरशोर से चुनाव संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुट गए हैं। वहीं अभी तक पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच वक्त का फायदा उठाते हुए मुखिया सहित अन्य अपनी जेबें सरकारी राशि से भरने में लगे हुए हैं। इसका ताजा उदाहरण नालंदा में देखने को मिला है।

सिलाव प्रखंड अंतर्गत सब्बैत पंचायत के भदारी गांव में मनरेगा के तहत हुए चबूतरा निर्माण में भारी लूट हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तीन देवस्थान पर श्रमदान से चबूतरा निर्माण कराया गया था। वहीं चबूतरे की सिर्फ ऊपरी सतह की मरमत्ती कर मुखिया ने मनरेगा से रुपयों की निकासी कर ली है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यह काम मनरेगा के तहत नहीं. बल्कि आपस में चंदा कर बाबा स्थान, भोला स्थान एवं बजरंगबली स्थान पर चबूतरा निर्माण कराया गया था। जिसमें गांव के बिचौलिए और मुखिया के द्वारा मनरेगा योजना के तहत 3-3 लाख तक की निकासी कर ली गई। इस फर्जीवाड़े की जानकारी प्रखंड के पीओ से लेकर प्रखंड पदाधिकारी तक की गई है। बावजूद अब तक किसी भी तरह का कोई कार्रवाई नहीं हुआ है। वहीं इसके अलावा गांव में इसी वर्ष अप्रैल माह में 8 लाख की लागत से छठ घाट का भी निर्माण कराया गया था। वो भी महज 4 महीने में ही जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। छठ घाट की स्थिति ऐसी हो गई है कि कभी भी वहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। छठ घाट दिनोंदिन जमींदोज होता जा रहा है। 

मौके पर मौजूद दर्जनों ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की है। ताकि सब्बैत पंचायत के भदारी गांव में मनरेगा के तहत जो लूट हुई है, उसका सच बाहर आए। साथ ही इस मामले के जो भी दोषी व्यक्ति हैं, उन पर कठोर कार्रवाई हो सके। सरकार की महत्वकांक्षी योजनाएं धरातल पर तो उतारी जाती है, परंतु बिचौलिए और कमीशन के चक्कर में कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं हो पाता है। जिसका साफ-साफ नतीजा भदारी गांव में दिख रहा है।

Find Us on Facebook

Trending News