बिहार उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश उत्तराखंड झारखंड छत्तीसगढ़ राजस्थान पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश दिल्ली पश्चिम बंगाल

BREAKING NEWS

  • सीएम योगी की कार के आगे चल रही एंटी डेमो गाड़ी पलटी, हादसे में पांच पुलिसकर्मी सहित नौ लोग बुरी तरह से चोटिल
  • सीएम योगी की कार के आगे चल रही एंटी डेमो गाड़ी पलटी, हादसे में पांच पुलिसकर्मी सहित नौ

  • हथुआ राज के महाराजा मृगेंद्र प्रताप शाही को मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि, थाईलैण्ड के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय ने सामाजिक कार्यों के लिए किया सम्मानित
  • हथुआ राज के महाराजा मृगेंद्र प्रताप शाही को मिली मानद डॉक्टरेट की उपाधि, थाईलैण्ड के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय ने

  • कोटा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या की कोशिश, समय रहते पहुंच गई मां
  • कोटा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या की कोशिश, समय रहते पहुंच गई मां

  • जमुई के टीआर नारायण हेरिटेज प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया पहला वार्षिकोत्सव, बच्चों ने दी एक से बढ़कर एक प्रस्तुति
  • जमुई के टीआर नारायण हेरिटेज प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया पहला वार्षिकोत्सव, बच्चों ने दी एक

  • परिवार से फ्लैट खाली कराने में गुंडों की सहायता लेना कंकड़बाग थाने को पड़ा भारी, दोषी पुलिसकर्मी अपने पॉकेट से देंगे पीड़ित को मुआवजा, हाईकोर्ट का निर्देश
  • परिवार से फ्लैट खाली कराने में गुंडों की सहायता लेना कंकड़बाग थाने को पड़ा भारी, दोषी पुलिसकर्मी अपने

  • सीएम नीतीश ने जल संसाधन विभाग के 1,094 योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास, 3,420 करोड़ रुपये की आएगी लागत
  • सीएम नीतीश ने जल संसाधन विभाग के 1,094 योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास, 3,420 करोड़ रुपये की

  • प्रधानमंत्री एक साथ देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 554 स्टेशनों के पुनर्विकास का करेंगे शिलान्यास, ECR के 23 स्टेशन भी शामिल
  • प्रधानमंत्री एक साथ देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 554 स्टेशनों के पुनर्विकास का करेंगे

  • समता के प्रवर्तक संत रविदास की 647 वीं जयंती पर पटना महावीर मन्दिर में कार्यक्रम
  • समता के प्रवर्तक संत रविदास की 647 वीं जयंती पर पटना महावीर मन्दिर में कार्यक्रम

  • सीएम नीतीश ने सिमरिया धाम स्थल पर सीढ़ी घाट और अन्य सौदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण, 115 करोड़ रूपये आई है लागत
  • सीएम नीतीश ने सिमरिया धाम स्थल पर सीढ़ी घाट और अन्य सौदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण, 115 करोड़

  • रजनीकांत की चोरी हुई स्कॉर्पियो को पुलिस ने 48 घंटे में खोजा, चार शातिर बदमाशों को किया गिरफ्तार
  • रजनीकांत की चोरी हुई स्कॉर्पियो को पुलिस ने 48 घंटे में खोजा, चार शातिर बदमाशों को किया गिरफ्तार

जिस फूलपुर से सीएम नीतीश लड़ सकते हैं चुनाव वहां निषाद रैली करेंगे मुकेश सहनी, उत्तर प्रदेश में बीजेपी को साथ घेरेंगे जदयू और वीआईपी

जिस फूलपुर से सीएम नीतीश लड़ सकते हैं चुनाव वहां निषाद रैली करेंगे मुकेश सहनी, उत्तर प्रदेश में बीजेपी को साथ घेरेंगे जदयू और वीआईपी

पटना. एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के फूलपुर से चुनाव लड़ने की बातें हो रही हैं. वहीं, दूसरी ओर फूलपुर में अब वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी निषाद रैली करने की तैयारी में हैं. सूत्रों के अनुसार आगामी नबंवर में मुकेश सहनी फुलपुर निषाद रैली करेंगे. फूलपुर में जातीय समीकरण के हिसाब से निषाद मतदाताओं की प्रभावशाली उपस्थिति है. दरअसल, फुलपुर में सबसे ज्यादा आबादी पटेल यानी कुर्मी की है, फिर यादव और मुस्लिम की आबादी है जबकि निषाद भी निर्णायक भूमिका में हैं. ऐसे में निषाद वोटबैंक को साधने और उन्हें अपने पक्ष में गोलबंद करने के लिए मुकेश सहनी निषाद रैली की तैयारी में है. 

उत्तर प्रदेश में निषाद मतदाताओं की संख्या न सिर्फ फूलपुर बल्कि पूरे प्रयागराज बेल्ट में निषाद वोटबैंक की अच्छी खासी आबादी है. इसी वोटबैंक पर निषाद नेता यानी वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी की नजर है. बिहार में खुद को निषाद समुदाय के नेता के रूप में स्थापित कर चुके मुकेश सहनी अब उत्तर प्रदेश में भी वही करना चाहते हैं. पिछले यूपी विधानसभा में बले उन्हें सफलता नहीं मिली थी लेकिन वे अपने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं. इसलिए उन्होंने इस बार फूलपुर में निषाद रैली आयोजित करने की तैयारी की है. 

हालांकि मुकेश सहनी को लेकर भाजपा भी सक्रिय है. बीजेपी ने भले बिहार में मुकेश सहनी को झटका दिया था लेकिन बदली राजनीतिक परिस्थिति में फिर से भाजपा उन्हें अपने खेमे में लाना चाहती है. पर मुकेश सहनी के तय कार्यक्रम से लग रहा है कि बीजेपी के लिए अपने प्लान को अंजाम पहुंचाना उतना आसान नहीं है. उन्होंने इसी कारण अब भाजपा के गढ़ यानी यूपी में निषाद वोट बैंक को अपने खेमे में करने के लिए योजना बनाई है. 

जानकारी के मुताबिक मुकेश सहनी फुलपुर में निषाद आरक्षण का मुद्दा उठाएंगे. वे बीजेपी से सवाल दाग सकते हैं कि आखिर क्यों निषाद आरक्षण यूपी-बिहार में नहीं है, जबकि बंगाल में है. नीतीश कुमार के बाद अब यूपी में मुकेश सहनी की इस सक्रियता से यूपी में भाजपा के परम्परागत पटेल और निषाद वोटबैंक में बड़ी सेंधमारी हो सकती है. इससे 80 लोकसभा सीटों वाले यूपी में भाजपा को झटका देने के लिए नीतीश और मुकेश की यह पहल कितनी रंग लाएगी, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा.