अब थानाध्यक्ष बनने के लिए इन 77 दारोगा को करना होगा 10 साल का इंतजार, पहली बार हुई बड़ी कार्रवाई, जानिए किन किन जिले के पुलिसकर्मी हैं शामिल

अब थानाध्यक्ष बनने के लिए इन 77 दारोगा को करना होगा 10 साल का इंतजार, पहली बार हुई बड़ी कार्रवाई, जानिए किन किन जिले के पुलिसकर्मी हैं शामिल

PATNA : बिहार में मद्य निषेध कानून के तहत पहली बार पुलिस मुख्यालय ने अपने ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 77 दारोगा के नाम हैं। यह दारोगा वह हैं, जिनके इलाके में शराबबंदी कानून लागू करने में लापरवाही बरती गई या शराब माफियाओं से सांठगांठ की बात सामने आई है। अब जारी आदेश के अनुसार अगले 10 साल तक इन पुलिसकर्मियों को किसी भी थाना का अध्यक्ष या ओपी अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा।

एसपी से मांगी गई थी सूची

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस कप्तान से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी थी। जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सूची जारी होने के बाद इन सभी पुलिसकर्मियों की तैनाती थाना से हटाकर अलग-अलग जिला बल में कर दी गई है। यह सूची सभी जिलों के पुलिस कप्तान के पास भेज दी गई है। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के बाद उन पुलिककर्मियों में हड़कंप मच गया है। 


28 जिलों के 77 पुलिसकर्मी लिस्ट 

सूची में 28 जिलों के 77 पुलिसकर्मी शामिल हैं। जिन जिलों में सबसे ज्यादा जिन दारोगा पर कार्रवाई की गई है, उनमें  सबसे ज्यादा रोहतास समस्तीपुर के 8-8, बेगूसराय से सात, पटना-सिवान के 6-6, दरभंगा के चार,  गया, मधुबनी व कटिहार के तीन-तीन और नालंदा, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, नवगछिया व गोपालगंज के दो-दो दरोगा के नाम इस सूची में शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय ने इस सूची को सभी जिलों में इस सूची को भेज दी है। 

राजधानी पटना में जिन छात्रों पर कार्रवाई की गई है उनमें जय किशोर कुमार, अरुण कुमार अकेला, केशव कुमार मजूमदार, अशोक कुमार, रामबरन सिंह और सुमन कुमार शामिल है।

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