EOU एसपी की तरफ से 'पत्रकार' को धमकाने वाला पत्र जारी करने पर बवाल, कांग्रेस ने CM नीतीश से पूछा- सुशासन का अर्थ यही है?

EOU एसपी की तरफ से 'पत्रकार' को धमकाने वाला पत्र जारी करने पर बवाल, कांग्रेस ने CM नीतीश से पूछा- सुशासन का अर्थ यही है?

PATNA: बालू के काले धंधे में पुलिस की संलिप्तता की पोल खुली तो आर्थिक अपराध इकाई के एसपी साहब को पीड़ा होने लगी। साहब को पीड़ा इस बात की हुई की बालू के अवैध खनन से पंद्रह दिनों में पुलिस की करोड़ों की कमाई कैसे हो गई? वे इसका साक्ष्य खोजने लगे और लगे हाथ उन्होंने पत्रकार को नोटिस थमा दिया और हाजिर होने का फरमान जारी कर दिया। हाजिर नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी कर दी गई। न्यूज4नेशन को नोटिस थमाये जाने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सत्ता पक्ष के नेता भी पुलिस के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये से हतप्रभ हैं। 

कांग्रेस ने बताया शर्मनाक

बिहार कांग्रेस के नेता व युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमार आशीष ने आर्थिक अपराध इकाई के एसपी द्वारा मीडिया गई धमकी को अत्यंत शर्मनाक बताया है। कांग्रेस ने सीधे सीएम नीतीश से सवाल पूछा है। कांग्रेस नेता कुमार आशीष ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री से पूछा ...नीतीश कुमार जी क्या सुशासन का अर्थ यही है? बिहार मे आपके पुलिस अधिकारी द्वारा अब चौथे स्तंम्भ को भी डराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। लोकतंत्र मे इस स्तर के कार्य की छूट किसी को नही दी जा सकती और सच की आवाज को कोई नही दबा सकता।हम सभी सच के साथ है 

प्रधान सचिव के पत्र से पुलिस की खुली पोल,खबर के बाद बिफरे EOU एसपी

दरअसल खनन विभाग के प्रधान सचिव ने बिहार के बालू घाटों जहां वैध खनन बंद है वहां अवैध खनन और उसमें पुलिस की मिलीभगत का खुलासा करते हुए डीजीपी को पत्र लिखा था। प्रधान सचिव ने अवैध बालू खनन में लगे पुलिस कर्मियों-अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया था।  प्रधान सचिव ने यह खुलासा 17 मई को किया। न्यूज4नेशन ने खान एवं भूतत्व विभाग के इस पत्र के आधार पर 18 तारीख की सुबह में खबर लिखी। खबर के कुछ देर बाद ही आर्थिक अपराध इकाई के एसपी साहब एक्टिव हो गये। वे इसके पीछे पड़ गये कि आखिर आपने इस तरह की खबर लिखी कैसे? आपकी खबर से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। 

1 मई से अवैध बालू खनन में हुई कमाई का पैसा किसके पास है?

बंद बालू घाटों से बेरोकटोक अवैध खनन, पुलिस की संलिप्तता और अवैध कमाई की खबर से परेशान ईओयू एसपी के लिए एक 'थाना' ही सबूत दे गया। जिस दिन एसपी साहब ने सबूत के लिए नोटिस जारी किया उसी दिन यानी 18 मई को प्रधान सचिव के पत्र के बाद पुलिस-प्रशासन ने मिलकर ताबड़तोड़ छापेमारी की। परिणाम यह हुआ कि पुलिस मुख्यालय के नाक के नीचे पटना जिले के रानीतालाब थाने से महज कुछ किमी की दूरी पर धडल्ले से अवैध खनन का जबरदस्त पर्दाफाश हुआ। सोन नदी के घाट से बालू का खनन हो रहा था। जानकार बताते हैं कि छापेमारी से पहले के 15 दिनों में सड़क मार्ग से बड़ी-बड़ी गाड़ियों पर बालू लादकर 'थाना' के बगल से ले जाया गया था। आखिर यह कौन करवा रहा था ? उस समय आर्थिक अपराध के एसपी का जमीर कहां सोया हुआ था ? यह सबूत ही पर्याप्त है कि अवैध खनन के धंधे में अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा कहां और किसके पास जा रहा है। यह सिर्फ एक 'थाने' की बानगी है। सैकड़ों थाना क्षेत्र में इस तरह का अवैध खनन चल रहा था। प्रधान सचिव के पत्र के बाद पुलिस-प्रशासन की नींद खुली और चेहरा बचाने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस सवाल का जवाब कौन देगा कि पिछले 1 मई से सैकड़ों गाड़ियों से अवैध बालू खनन से जो कमाई हुई वो किसके पास है? आर्थिक अपराध इकाई के एसपी साहब जाकर सीएम साहब को इसका हिसाब-किताब दें। 

अवैध धंधे का सबूत देख लीजिए,समय मिले तो पढ़ लीजिएगा......  

प्रधान सचिव के लेटर के बाद नींद से जागी पुलिस और प्रशासन की टीम ने 18 मई को पटना के एक थाना इलाके में बालू घाटों पर छापेमारी की तो पर्याप्त संख्या में बालू के अवैध खनन के लिए नदी घाट पर अत्याधुनिक बड़ी-बड़ी मशीने और ट्रक मिले।पालीगंज के अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में महाबलीपुर से जनपारा बालू घाट तक छापेमारी चला। इस अभियान के तहत 13 पोकलेन मशीन, दो हाईवा एवं चार ट्रैक्टर की जब्त की गई.सभी जब्त वाहनों को रानी तालाब थाना को सुपुर्द किया गया. बालू के अवैध धंधों में शामिल 38 व्यक्तियों (वाहन मालिक एवं चालक) के विरुद्ध रानीतालाब थाना में खनन निरीक्षक अजय कुमार द्वारा खनन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत  प्राथमिकी दर्ज की गई है।

तानाशाही रवैये का जवाब कलम के माध्यम से देते रहेंगे

एसपी साहब जरा बताइए तो ......यह तमाम अत्याधुनिक मशीनें और ट्रकों का जमावड़ा क्या अचानक 18 मई को हुआ था ? क्या यह खेल एक मई से नहीं शुरू था? क्या इसे स्थानीय थाने का संरक्षण नहीं प्राप्त था? सैकड़ों गाड़ियां प्रतिदिन अवैध ढंग से बालू का काला कारोबार कर रही थी उसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी? अवैध धंधे से आ रहा अवैध माल किसके पैकेट में जा रहा था? इन सारी चीजों से पुलिस का मनोबल नहीं टूट रहा था? न्यूज4नेशन के खबर से पुलिस की छवि खराब हो गई। लानत है ऐसी छवि और मनोबल पर जो एक सही खबर से गिर जाये और टूट जाये।सच दिखाने और लिखने से भला किसी के सम्मान और प्रतिष्ठा पर संकट कैसे आ सकता है ? सोचना यह चाहिए था लेकिन कर कुछ और रहे हैं? न्यूज4नेशन सच लिखने का अभियान जारी रखेगा। आपके तानाशाही रवैया का जवाब हमेशा हम कलम के माध्यम से देते रहेंगे। 



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