'देश के प्रधान बिहार पर दें ध्यान', जदयू अध्यक्ष ललन सिंह की अपील को कितनी गंभीरता से लेगी केंद्र सरकार

'देश के प्रधान बिहार पर दें ध्यान', जदयू अध्यक्ष ललन सिंह की अपील को कितनी गंभीरता से लेगी केंद्र सरकार

पटना. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जदयू की ओर से केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है. हालाँकि राजग के घटक दल जदयू की इस अपील को केंद्र की मोदी सरकार अभी तक सिरे से दरकिनार किए हुए है. इस बीच एक बार फिर से जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने मोदी सरकार से इस मांग को पूरा करने की अपील की है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है, ‘ देश के प्रधान बिहार पर दें ध्यान’. 

ललन सिंह ने आगामी आम बजट में बिहार के लिए विशेष प्रावधान करने के साथ ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों जरूरी है इस बात को फिर से दोहराया है. उनके अनुसार, बिहार-झारखंड बंटवारा और 2005 तक ध्वस्त हो चुकी आधारभूत संरचनाओं के उपरांत बिहारवासियों के सहयोग और आशीर्वाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीव्रता से बिहार का पुनर्निर्माण किया है, फिर भी विकास की ऊंचाइयों को छूने के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना बेहद जरूरी है. 

बिहार के बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि बंटवारा बाद बिहार को विशेष राज्य का दर्जा बिहारवासियों का हक है, इसके बिना बिहार राष्ट्रीय औसत के विकास दर को छू नहीं पाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार काफ़ी आगे बढ़ा है, फिर भी बिना केंद्र की सहायता से विकसित बिहार-भारत बनने की राह मुश्किल है.

उन्होंने कहा है कि नीति आयोग की रिपोर्ट में जब यह साफ हो गया है कि बिहार पिछड़ा राज्य है तो फिर पिछड़े राज्य को विशेष रूप से आर्थिक सहायता दिया जाना तो अनिवार्य होना चाहिए. हालाँकि उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से बिहार अपने संसाधनों के बूते दहाई अंक में विकास दर को बनाए हुए है जो बिहार की बड़ी उपलब्धि है. ऐसे में अगर बिहार को अतिरिक्त मदद मिलती है तो निश्चित ही इससे बिहार का विकास होगा. 

उन्होंने याद दिलाया कि जब झारखंड का गठन हुआ उस समय केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने बिहार को प्रति वर्ष एक निश्चित राशि देने की बात कही थी. लेकिन, महज कुछ वर्षों में यह राशि मिलनी बंद हो गई. तो सवाल है कि बिहार को केंद्र से एक मोटी राशि मिलने की बात जो की जाती है वह राशि कहाँ है. 


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