पीएम मोदी आज रखेंगे यूपी के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे की नींव, बिहार की भी बदलेगी तकदीर

पीएम मोदी आज रखेंगे यूपी के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे की नींव, बिहार की भी बदलेगी तकदीर

पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे. मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की लंबाई वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश एक दूसरे से एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएंगे. 

गंगा एक्सप्रेस-वे दो चरणों वाली परियोजना है. इसकी कुल लम्बाई दिल्ली बॉर्डर से बलिया तक गंगा के किनारे 1020 किलोमीटर है. पहले चरण के निर्माण में 594 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगा. 36,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पहले चरण के गंगा एक्सप्रेस-वे को बाद में 8 लेन की सड़क में परिवर्तित किया जा सकता है. वहीं गंगा एक्सप्रेस-वे के दूसरे चरण में इसे प्रयागराज से बलिया तक विस्तारित करने की योजना है. 

पहले चरण के 594 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे निर्माण के बाद दूसरे चरण में प्रयागराज से बलिया तक कुल 316 किलोमीटर लंबाई में इसका विस्तार होगा. फेज -2 में ही दिल्ली के तिगड़ी से यूपी बॉर्डर तक 110 किलोमीटर में एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है. पहले चरण में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलो मीटर लंबी हवाई पट्टी निर्मित की जाएगी, जो वायु सेना के विमानों को आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता प्रदान करेगी. एक्सप्रेस-वे के साथ एक औद्योगिक गलियारा बनाने का भी प्रस्ताव है. एक्सप्रेस-वे पर ट्रॉमा सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है. 

औद्योगिक विशेषज्ञों की मानें तो गंगा एक्सप्रेस-वे भविष्य में बिहार के लिए बड़ा वरदान साबित होगा. बिहार के अलग अलग हिस्सों में कई एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं. उसमें उत्तर बिहार के इलाके में गोपालगंज, सीवान आदि के इलाके भी शामिल है. वहीं पटना-आरा-बक्सर चार लेन की सड़क भी निर्माणाधीन हैं. इन सडकों को महज 100 से 200 किलोमीटर विस्तारित करने पर यह बलिया में गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएंगी. इससे बिहार के किसी भी हिस्से से उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली तक सड़क मार्ग से पहुंचना आसन हो जाएगा. 

बिहार में मालवहन के साथ यात्री परिवहन को भी एक्सप्रेस-वे बड़ी सहूलियत देगा. वहीं प्रस्तावित पटना-कोलकाता एक्सप्रेस-वे को विस्तार देकर गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा सकता है. इससे कोलकाता से दिल्ली सीधे एक्सप्रेस-वे से जुड़ सकता है. 

1020 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस-वे भविष्य में न सिर्फ यूपी बल्कि बिहार सहित पश्चिम बंगाल और शेष पूर्वी राज्यों को सीधे दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाली परियोजना साबित होगी. गौरतलब है कि वर्ष 2007 में यूपी की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने गंगा किनारे किनारे दिल्ली के पास से बिहार के पास बलिया तक गंगा एक्सप्रेस-वे की परिकल्पना की थी. हालाँकि बाद में इसे इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई और कोर्ट ने पर्यावरण के लिए अनुचित करार देते हुए परियोजना पर रोक लगा दी. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नए सिरे से तैयार कराने की रणनीति बनाई है. अब यह एक्सप्रेस वे गंगा से करीब 10 किमी की दूरी पर बनाने की तैयारी है. 



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