बिहार को निवेशकों की पहली पसंद बनाने की तैयारी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में दुनिया ने जाना- नीतीश-तेजस्वी के नेतृत्व में कैसे हो रहा बदलाव

बिहार को निवेशकों की पहली पसंद बनाने की तैयारी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में दुनिया ने जाना- नीतीश-तेजस्वी के नेतृत्व में कैसे हो रहा बदलाव

पटना/ नई दिल्ली. भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में पार्टनर स्टेट के रूप में भाग ले रहे बिहार द्वारा 20 नवंबर को बिहार दिवस के रूप में मनाया गया। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे आयोजन बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन किया। महासेठ ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और माननीय उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के कुशल नेतृत्व में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन और उद्योग पर हमारा विशेष ध्यान है। बिहार में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। 10% से अधिक की जीडीपी ग्रोथ के साथ बिहार सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में एक है। 

उन्होंने कहा कि पूरे दुनिया के निवेशकों की निगाहें बिहार पर है। हम बिहार को आदर्श इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। हमारी कोशिश है कि टेक्सटाइल लेदर और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे। उद्योग स्थापित करने में कम समय लगे, इसके लिए बिहार में 13 स्थानों पर अनेक औद्योगिक शेड बनाए गए हैं जहां 20 लाख वर्ग फीट से अधिक स्थान उपलब्ध है। यह प्लग एंड प्ले मॉडल आधारित है। तैयार शेड ऐसे उद्यमियों को दिया जाएगा जो तुरंत ही अपना उद्योग बिहार में चालू करना चाहते हैं। 

उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से बिहार उद्यमियों को तमाम तरह के क्लीयरेंस एक ही आवेदन पर उपलब्ध करा रहा है। उद्योग विभाग द्वारा हर काम तेजी से निपटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी चीनी मिलों की जमीन बियाडा को स्थानांतरित की गई है। ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करके उद्योग के लिए यह जमीन भी प्राप्त की जा सकती है। औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की लीज दर को बिहार सरकार ने 20 से 80% तक कम कर दिया है। इसका लाभ भी उद्यमी उठा सकते हैं। 

महासेठ ने कहा कि बिहार की नई टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी के तहत निवेशकों को पूंजी निवेश का 15% अनुदान, 10 करोड़ रुपए तक की कैपिटल सब्सिडी, विदयुत शुल्क पर 12 प्रति यूनिट का अनुदान और प्रति कर्मचारी प्रतिमाह →5000 तक की सहायता जैसे प्रावधान किए गए हैं। निर्यात से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को 30% तक की ट्रांसपोर्टेशन फैसिलिटी और पेटेंट कराने पर रजिस्ट्रेशन में अधिकतम 010 लाख तक की सहायता का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग तो बिहार में रोजगार करें ही, देश विदेश के लोग भी बिहार में आकर अपना रोजगार और अपना उद्योग प्रारंभ करें। बिहार अपने आप में एक बड़ा बाजार है। बिहार के पड़ोसी राज्यों में भी बिहार में उत्पादित सामान का स्कोप है। बिहार में उत्पादन करके उद्यमी अपना प्रोडक्ट नेपाल और भूटान भी भेज सकते हैं जो किफायती होगा । सुदृढ़ आधारभूत संरचना और मजबूत इरादों के साथ बिहार सरकार उद्योग लगाने वालों के साथ खड़ी है। बिहार में स्किल्ड और अनस्किल्ड दोनों किस्म के श्रम शक्ति की कमी नहीं है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि सुनी सुनाई बातों से इतर वास्तविकता की धरातल पर बिहार का आकलन करें और बिहार में निवेश के लिए आगे आएँ।


उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने बिहार दिवस समारोह में कहा कि बिहार अब इथेनॉल हब बनने की राह पर है। सड़क और बिजली के क्षेत्र में बहुत काम हुआ है। हर औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूती प्रदान की गई है। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद के माध्यम से निवेशकों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भू आवंटन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। दूसरे सभी आवश्यक लाइसेंस भी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने पर प्राप्त किए जा सकते हैं। भारतीय नृत्य कला मंदिर के कलाकारों ने बिहार गान और पारंपरिक गीतों पर लोक नृत्य की प्रस्तुति की जिसे सभी लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बिहार के हस्तकरघा एवं रेशम निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


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