भोजपुर पुलिस के 'इकबाल' पर सवाल! बढ़ते क्राइम से सकते में DM, लिख डाला लेटर और 8 बिंदुओं पर काम करने को कहा...

भोजपुर पुलिस के 'इकबाल' पर सवाल! बढ़ते क्राइम से सकते में DM, लिख डाला लेटर और 8 बिंदुओं पर काम करने को कहा...

DESK : 12 दिन और 10 हत्याएं। यह है भोजपुर जिले में बढ़ते अपराध का ग्राफ। इनमें से कुछ हत्याएं बीच रोड पर लोगों के सामने की गई। जिले में लगातार हो रही हत्याओं की घटनाओं से जहां लोग आक्रोशित हैं, वही पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे है। इधर लगातार हो रही हत्या की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन भी हैरान है। जिसके बाद अब खुद जिले के डीएम राजकुमार को दखल देना पड़ गया है।  जिलाधिकारी राजकुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,सदर आरा,पीरो एवं जगदीशपुर को पत्र जारी किया।

जल्द अपराध पर करे नियंत्रण

डीएम ने तीनों अमनुमंडल के अनुमंडलीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को आदेश दिया है कि जिले में बढ़ रहे अपराधिक घटनाओं पर जल्द से जल्द नियंत्रण करें ।पत्र में लिखा गया है कि कुछ दिनों से अपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।घटनाओं के कारण आमजनों में भय एवं असुरक्षा का माहौल कायम हो गया है ।साथ ही इसके कारण आमजन में प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश भी व्याप्त है।

इससे प्रक्षलित होता है कि विधि–व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक/पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जा रहा है। जिसके बाद जिला एडमिनिस्ट्रेशन के द्वारा बढ़ते अपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए 8 बिंदु दिए गए हैं।

• मादक पदार्थों/अवैध हथियारों आदि के परिवहन को रोकने के निमित सभी प्रमुख चौक चौराहों, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर चेकपोस्ट लगाकर नियमित रूप से सघन जांच की जाए..

• अपराध नियंत्रण के निमित्त सभी स्तरों पर सूचनाओं का संग्रहण किया जाए तथा आसूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए...

• अपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार सामाजिक तत्वों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की जाय..

• अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों अथवा जिन व्यक्तियों के कारण अपराधिक घटना बढ़ने की संभावना हो उनके विरोध नियम अनुसार सीसीए के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव समर्पित किया जाए.

•अफवाह/द्वेष/नफरत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों/सोशल मीडिया एवं जिलों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा विभिन्न स्थानों पर चल रहे साइबर कैफे की औचक जांच की जाए...

• पूर्व से घटित अपराधिक घटनाओं वाले स्थानों तथा विभिन्न संप्रदायों के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखी जाय...

• भूमि विवाद से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों की त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित किया जाय..

• सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाए कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण सील रहकर अपराधिक घटनाओं को रोकने के निमित्त सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। यदि किसी घटनाओं के क्रम में थाना प्रभारी अन्य संबंधित पदाधिकारी का स्थिरता परिलक्षित होती है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाय।

अपराध का कोई स्थान नहीं,पर लगाम लगाना हमारा काम:–एसपी

भोजपुर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने कहा की जिले में बढ़ती अपराधिक घटनाएं हमारे लिए चैलेंजिंग है । घटनाएं किसी भी तरीके से हो रही है चाहे वह गोली की वारदात क्यों ना हो वो हमलोगों के लिए चैलेंजिंग है । अपराध का कोई स्थान नहीं होता, लेकिन पुलिस अपना काम बखूबी कर रही है । हमारा काम है अपराध नियंत्रण करना, अनुसंधान को ठीक कर से करके उन लोगों तक पहुंचना,जो अपराध कर रहे हैं । हम लोग अपराध पर लगाम लगाने के लिए विधि–सम्वत जो भी कार्यवाई ठोस तरीके से करेंगे । जिले में जो वारदात हो रही है इसके पीछे अलग-अलग पहलू है, उन सभी का केस से जुड़ाओ है, जो अनुसंधान का पहलू है उसमे सब आ जायेगा । पुलिस गश्ती और पेट्रोलिंग के समय जिसकी भी गलती होगी उस पर ठोस कार्यवाही की जाएगी।

कहां है तेजस्वी यादव

जिस तरह से जिले में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उसके बाद लोग यहां के प्रभारी मंत्री तेजस्वी यादव को खोज रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिले की जिम्मेदारी तेजस्वी यादव के पास है। लेकिन लगातार बढ़ रहे अपराधिक घटनाओं को लेकर प्रभारी मंत्री को कोई चिंता नजर नहीं आ रही है। पिछले तीन माह में सिर्फ एक बार भोजपुर आए, वह भी कोईलवर में मानसिक चिकित्सालय के नए भवन के उद्घाटन में। जब बिहार के डिप्टी सीएम के प्रभार वाले जिले में अपराध का ग्राफ नहीं थम रहा है तो प्रदेश के बाकी जिलों की स्थिति को समझा जा सकता है।

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