छपरा और बेतिया में भी हुआ रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन, पुतले को जलाकर लोगों ने बजाई तालियाँ

छपरा और बेतिया में भी हुआ रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन, पुतले को जलाकर लोगों ने बजाई तालियाँ

CHAPRA : छपरा में विजयादशमी धूमधाम से मनाई गई और असत्य पर सत्य की जीत के रूप में लंकापति रावण के पुतले को जलाया गया। छपरा के राजेन्द्र स्टेडियम में भारी भरकम भीड़ के बीच रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सारण कमिश्नर पूनम कुमारी, सारण जिला के डीएम राजेश मीणा, एसपी संतोष कुमार उपस्थित रहे। 


रावण वध के पूर्व एक शोभा यात्रा शहर के मुख्य मार्गो पर घूमने के बाद आयोजन स्थल राजेन्द्र स्टेडियम पहुंचा। जहाँ श्रीराम ने अग्नि बाण चलाकर रावण और मेघनाथ का वध किया। अग्निबाण चलते ही रावण और मेघनाथ के गगनचुम्बी पुतलों में आग धधक उठी और फिर पुतलों में बंधे पटाखों से आसमान गूंज उठा।

वहीँ पश्चिम चम्पारण जिले के बेतिया में लालबाजार स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में आज शाम रावण दहन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। रथ से पूरे शहर का भ्रमण करते हुए शोभायात्रा शिव मन्दिर परिसर में पहुंचा। जहाँ भगवान राम ने अत्याचारी रूपी रावण का वध किया। कार्यक्रम को देखते हुए शहर की सड़कों पर जगह जगह पुलिस बल सुरक्षा में तैनात रहे। वही मन्दिर वाली मुख्य मार्ग को यातायात के लिये बंद किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश सराफ ने किया। हज़ारों की संख्या में शहर और उसके आसपास के लोगों भाग लेकर रावण बध का आनन्द लिया। इस दौरान जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा।

उधर सासाराम के ताराचंडी मंदिर के प्रांगण में रावण वध का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किया गया। भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद इस दौरान मौजूद रहे। बता दें कि सुरक्षा कारणों से इस बार 'रावण वध' शहर से 6 किलोमीटर दूर ताराचंडी के पास आयोजन किया गया। पहले जहां यह आयोजन रेलवे मैदान में होती थी। लेकिन इस बार जिला प्रशासन के आग्रह पर यह आयोजन ताराचंडी परिसर में हुआ है। इससे पहले भगवान राम की सेना निकली। जिसमें राम लक्ष्मण के अलावे हनुमान का रूप धारण कर बालक जय श्रीराम के नारे लगाए तथा देखते ही देखते ही रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक किया 'रावण-वध' का आयोजन देखने बहुत लोग इकट्ठा हुए।

वहीँ गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भगवान राम ने एक वाण से रावण का वध कर दिया। रावण, कुंभकरण और मेघनाद का जैसे ही वध हुआ। उनके प्रतीकात्मक स्वरूप पुतले धू-धू कर जल उठे। पूरा मैदान पर जलकर आग की चिंगारियां पड़ रही थी। 50 फुट ऊंचा रावण का पुतला 20 सैकंड में जलकर राख हो गया। शाम 6:57 बजे पुतले को आग लगाते ही आतिशी धमाके गूंज उठे। बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर दशहरे का पावन पर्व रावण दहन के साथ संपन्न हो गया। रावण वध के दौरान पुरा गांधी मैदान पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। पुतले को आग लगाते ही शोर शराबा होने लगा। दर्शकों ने पुतला दहन आतिशबाजी का जमकर आनंद लिया। पुतला दहन देखने के लिए आस पास के मकानों की छतों पर भी लोगों की भीड़ रही। हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने इसका लुत्फ उठाया। पूरा गांधी मैदान महिलाओं, पुरूषों और बच्चों से भरा हुआ था। रावण वध कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही लोग जाकर जम गए। रावण वध से पूर्व शहर के आजाद पार्क से पूरे गाजे-बाजे के साथ पारंपरिक विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और गांधी मैदान तक पहुंचा।  गांधी मैदान में रावण वध को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे. वहां मौजूद लोग राम की जयजयकार कर रहे थे। 

इस मौके पर मगध प्रमंडल आयुक्त मयंक वरवड़े, जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर, बिहार विरासत विकास समिति के सभापति डॉक्टर प्रेम कुमार, डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव श्री दशहरा कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार तर्वे,  संरक्षक रामजी प्रसाद अधिवक्ता, संयोजक संजय कुमार सेठ, महामंत्री शिरीष प्रकाश संगठन मंत्री दीपक चर्चा, रंजीत बरहमपुरिया, शिव कैलाश डालमिया, मनीष अग्रवाल, संजय भारद्वाज, संदीप पुरी, नीरज कुमार गुप्ता, संजय अग्रवाल, राजकुमार, पूजा भदानी, सोनल भदानी, पूनम भदानी, संजय पाल, राहुल नवोदया, अंकित कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

छपरा से शशि सिंह, सासाराम से रंजन और बेतिया से आशीष की रिपोर्ट 

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