गरीब अफसर के धनवान 'पत्नी' की कहानी: अधिकारी ने 'वाइफ' के नाम पर 'पटना' में बनवा दिया अपार्टमेंट, पत्नी के नाम से मशहूर है वो आलीशान अपार्टमेंट, जानें.....

गरीब अफसर के धनवान 'पत्नी' की कहानी: अधिकारी ने 'वाइफ' के नाम पर 'पटना' में बनवा दिया अपार्टमेंट, पत्नी के नाम से मशहूर है वो आलीशान अपार्टमेंट, जानें.....

पटनाः  सुशासन राज में कुछ अफसर रिश्वत के पैसे से धनकुबेर बन बैठे हैं. भ्रष्ट तरीके से अर्जित धन की बदौलत बिहार समेत दूसरे राज्यों में आलीशान बंगला, फ्लैट खरीद रहे। अब सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तीन जांच एजेंसियों को पीछे लगा दिया है। आर्थिक अपराध इकाई, निगरानी ब्यूरो व विशेष निगरानी इकाई लगातार धनकुबेर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है। 2021 से लेकर अब तक करीब 100 धनकुबेर अफसर-कर्मियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी जिस अफसर के घर दस्तक दे रही वहां करोड़ों की संपत्ति,जेवर,व नकदी मिल रहे. हालांकि भ्रष्ट अफसर कम चालाक नहीं है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति पता नहीं चले इसके लिए तरह-तरह के हथकंडा अपना रहे। अब तो अपने नाम पर नहीं बल्कि किसी खास के नाम पर संपत्ति अर्जित कर रहे। कई ऐसे अफसर हैं जिसके बारे में जांच एजेंसी को पता चला है। एक ऐसे ही अफसर के बारे में पर्दा उठ रहा है। उस अफसर ने अपनी गृहिणी पत्नी के नाम पर अकूत संपत्ति अर्जित की। उस अधिकारी की पत्नी के नाम पर पटना में अपार्टमेंट है। अपार्टमेंट का नाम भी पत्नी के नाम पर ही है। बड़ा सवाल यही है कि राजधानी के पॉश इलाके में इतनी संपत्ति आई कहां से ? 

गरीब अफसर की धनवान पत्नी   

प्रशासनिक सेवा के उस अधिकारी की गृहिणी पत्नी काफी अमीर है। पटना के जगदेव पथ के पॉश इलाके में काफी संपत्ति है। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि पत्नी के नाम पर 4 फ्लैट की बिक्री 2015 में की गई. एक फ्लैट को पटना के एक शख्स ने लिया है,जबकि दूसरे फ्लैट को लखीसराय की एक महिला के नाम पर निबंधन किया गया। रोहतास की महिला के नाम पर तीसरा फ्लैट व चौथा फ्लैट बक्सर के एक व्यक्ति के नाम पर बिक्री की गई है। सभी फ्लैट की विक्रेता अफसर की पत्नी ही हैं. इतना ही नहीं अफसर ने पटेल नगर इलाके में बेशकीमती जमीन की खऱीद की है। करीब 10 डिसमिल जमीन के क्रेता में अफसर की गृहिणी पत्नी व एक सहयोगी का नाम है। वहीं गृहिणी पत्नी के नाम पर पटना के ग्रामीण इलाके में भी तीन कट्टे का प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई। हालांकि अधिकारी ने कुछ संपत्ति की जानकारी को सार्वजनिक भी किया है। लेकिन पटना की बेशकीमती जमीन जिसे ज्वाइंट में खरीदा गया उसमें बडे खेल की बात सामने आ रही है। 

गरीबों का पेट भरने का मिला हुआ है जिम्मा

हम आपको बताएं कि वो अफसर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। हम आपको उनका नाम सीधे तौर पर नहीं बता रहे। बताया जाता है कि अधिकारी का नाम सवेरा शब्द का पर्यायवाची  है। वे वर्तमान में मलाईदार विभाग में पदस्थापित हैं। उन्हें वर्तमान में गरीबों की पेट को भरने का जिम्मा मिला हुआ है। वे कमाई के मामले में काफी चर्चित भी बताये जाते हैं। वे इन दिनों गांधी की कर्मभूमि चंपारण वाले इलाके में पदस्थापित बताये जाते हैं। वर्तमान में जिस जिले में पदस्थापित हैं वहां 2008 में गंडक किनारे वाले ब्लॉक के विकास का काम कर चुके हैं। 2010 में वे सीनियर डिप्टी कलेक्टर बने। जांच एजेंसी वैसे अधिकारियों पर लगातार निगाहें रख रही हैं। अब देखना होगा कि जांच की आंच उन तक कब पहुंच पाती है.


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