शारदीय नवरात्र: रेलवे कॉलोनी में बंगाली पद्धति से होती है मां की पूजा, देर रात खुले पट, दर्शन कर भावविभोर हुए श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र: रेलवे कॉलोनी में बंगाली पद्धति से होती है मां की पूजा, देर रात खुले पट, दर्शन कर भावविभोर हुए श्रद्धालु

MOKAMA/PATNA: आज नवरात्र का सातवां दिन है। आज का दिन मां कालरात्रि को समर्पित हैं। आज का दिन नवरात्रि में इसलिए भी विशेष माना जाता है क्योंकि देशभर में आज के दिन मां के पट भक्तों के लिए खुल जाते हैं। सप्तमी, अष्टमी, नवमी, इन तीनों दिन लोगों का मेला चलता रहता है। दिन-रात भक्त मां के दर्शन के लिए आते रहते हैं।

इसी बीच बात करेंगे मां दुर्गा की बंगाली पद्धति की पूजा की, जिसमें एक दिन पहले, यानी कि, षष्ठी के दिन ही मां के पट खोल दिए जाते हैं। वैसे तो बंगाल में इसी तरीके से मां की पूजा की जाती है, मगर पटना में भी कई पूजा समितियां बंगाली पद्धति से ही मां का आह्वान करती आ रही हैं। इसी कड़ी में मोकामा की रेलवे कॉलोनी के पुरानी दुर्गा स्थान में बंगाली पद्धति से मां दुर्गा का पटाभिषेक किया गया। जय घोष और मंत्रोच्चारण के साथ नवरात्रि की छठे दिन देर रात मां दुर्गा के दर्शन लोगों ने किए। वहीं पटाभिषेक के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने मां दुर्गा से अपने घर अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

बांग्ला पद्धति में प्रतिपदा के बदले षष्ठी से मां दुर्गा की पूजा शुरू होती है। षष्ठी तिथि को बोधन से मां का आह्वान किया जाता है। सप्तमी को अधिवास होता है। जिसमें मां को पूरे विधि-विधान के साथ आमंत्रित किया जाता है। इस मौके पर ढाकवादन का खास आकर्षण रहता है। इसके बाद सप्तमी से नवमी तक हर दिन मां दुर्गा की पूजा, आरती आदि ढाक की मधुर धुनों के बीच ही होती है, जिससे माहौल भक्तिमय बना रहता है।

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