ओमीक्रॉन के खतरे के बाद भी टीम इंडिया करेगी साउथ अफ्रीका का दौरा, जानें क्यों है इस सीरीज का ऐतिहासिक महत्व

ओमीक्रॉन के खतरे के बाद भी टीम इंडिया करेगी साउथ अफ्रीका का दौरा, जानें क्यों है इस सीरीज का ऐतिहासिक महत्व

DESK : साउथ अफ्रीका से शुरू हुए कोरोना के नए नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम का दक्षिण अफ्रीका दौरा खटाई में पड़ता हुआ दिखाई दे रहा था, लेकिन अब लगभग यह साफ हो गया है कि भारतीय टीम यह दौरा करेगी। इस संबंध में अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। साउथ अफ्रीकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि टीम इंडिया के क्रिकेटरों को कोरोना के नए वैरिएंट से कोई खतरा नहीं है। हम उन्हें पूरा भरोसा दिलाते हैं कि पूरी टीम के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जाएगा। हालांकि सीरीज को लेकर अभी भारत सरकार से अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।

BCCI  का किया शुक्रिया

 दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने BCCI को धन्यवाद भी कहा। मंत्रालय ने कहा कि इंडिया ए की टीम साउथ अफ्रीका में खेल रही है। माना जा रहा था कि महामारी के खतरे को देखते हुए इंडिया ए को भी वापस बुलाया जा सकता है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा इसके लिए हम उनके शुक्रगुजार हैं। 

 यह है पूरा कार्यक्रम

बता दें कि 17 दिसंबर से टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसकी जमीन पर सीरीज खेलने वाली है। टीम इंडिया 9 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होगी। पहला टेस्ट मैच 17 दिसंबर से खेला जाएगा। इस दौरे पर भारतीय टीम 3 टेस्ट, 3 वनडे और 4 टी-20 मैच खेलने वाली है।


केंद्र सरकार के फैसले पर नजर

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का नया वैरिएंट मिलने पर कहा था, ऐसी स्थिति में हर बोर्ड, चाहे वह BCCI हो या कोई और, उन्हें भारत सरकार से अनुमति लेनी चाहिए। भारत के दक्षिण अफ्रीका के दौरे के लिए BCCI से आवेदन मिलने के बाद ही सरकार फैसला करेगी।

क्यों खास है दोनों देशों का यह सीरीज

टीम इंडिया का साउथ अफ्रीका कई मायनों में खास है।  भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज उस वक्त होने वाली है, जब दक्षिण अफ्रीका की इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के 30 साल पूरे हो रहे हैं। रंगभेद के कारण 1970 में ICC ने दक्षिण अफ्रीका पर प्रतिबंध लगा दिया था। 1991 में जब दक्षिण अफ्रीका ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी, तब भारत उसकी मेजबानी करने वाला पहला देश बना था। यही कारण है कि दक्षिण अफ्रीका की सरकार इस दौरे के खास मान रही है।  विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर कहा, ‘वर्षगांठ का सम्मान 2 जनवरी 2022 को केपटाउन में होगा। यह समारोह दक्षिण अफ्रीका और भारत के मजबूत रिश्ते को भी पेश करेगा।


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