'पहुंच-पैरवी-पैसा' काम न आया और 'बंगला' से ही टंगा गया ! भ्रष्ट इंजीनियर पर 'ऊपर' की बरसती थी कृपा, धौंस दिखाकर ठेकेदारों से वसूलता था 13% कमीशन

'पहुंच-पैरवी-पैसा' काम न आया और 'बंगला' से ही टंगा गया ! भ्रष्ट इंजीनियर पर 'ऊपर' की बरसती थी कृपा, धौंस दिखाकर ठेकेदारों से वसूलता था 13% कमीशन

PATNA: पटना में निगरानी ब्यूरो ने एक बड़ी मछली को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि इस बड़ी मछली की पहुंच ऊपर तक थी। ऊपर का धौंस दिखाकर भ्रष्ट इंजीनियर ठेकेदारों से जबरन वसूली करता था। पाप का घड़ा एक दिन भर गया. तब न ऊपर वाली अदृश्य शक्ति काम आई और न उंची पहुंच-पैरवी और पैसा ही काम आया। भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार को निगरानी ब्यूरो ने उसके बंगले से ही टांग लिया। निगरानी ब्यूरो की छापेमारी में भवन निर्माण विभाग केंद्रीय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार के ठिकानों से करोड़ों रू भी बरामद किए हैं. बताया जाता है कि इस भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता की काफी बदनामी थी। अपने आप को ताकतवर बताता था। बताया जाता है कि कार्यपालक अभियंता रिश्वत के पैसे का चढ़ावा भी खूब चढ़ाता था।    

भ्रष्ट इंजीनियर को अदृश्य शक्ति भी बचा न सका

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण विभाग के  केंद्रीय प्रमंडल पटना के कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार काफी बदनाम था। बिना पैसे का कलम भी नहीं उठाता था। बताया जाता है कि अपने प्रमंडल में अपने खास लोगों को ही काम देता था. कुछ काम में अपरोक्ष रूप से भागीदार यानि पार्टनर भी था। अगर बाहरी ठेकेदार को काम मिला तो काम अलॉट करने से पहले तीन फीसदी राशि रिश्वत के रूप में पहले ही ले लेता था। इसके बाद चेक काटने से पहले दस फीसदी. इस तरह से अकेले यह भ्रष्ट इंजीनियर बजट का 13 फीसदी राशि कमीशन के रूप में लेता था। भवन निर्माण से जुड़े लोगों का कहना है कि इसकी ऐसी दबंगई थी कि बिना पैसा दिये एक भी काम नहीं करता था। ठेकेदारों में यह बात प्रचारित कराता था कि हमारी पहुंच ऊपर तक है। ऊपर की कृपा से हीं वे केंद्रीय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बने हैं. कमायेंगे नहीं तो भरपाई कैसे होगी। यह भी चर्चा है कि यह भ्रष्ट इंजीनियर एक बड़े खद्दरदारी का खास था। उसी अदृश्य शक्ति की बदौलत संजीत कुमार पटना में नंगा नाच कर रहा था। 

शुक्रवार को भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार को निगरानी ब्यूरो ने 2 लाख रू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद जब उसके पटना और बक्सर के ठिकानों की तलाशी ली जाने लगी तब तो पूरी पोल-पट्टी ही खुल गई। भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता रिश्वत के पैसे को घऱ में नहीं बल्कि पटना में रेंट पर लिए एक फ्लैट में छुपा कर रखता था। निगरानी टीम ने जब वहां छापेमारी की तो 2 बैग में रखे लगभग 2 करोड़ की राशि मिली है। जांच अभी भी जारी है। 

दानापुर के एक ठेकेदार को 16 लाख रुपये के भुगतान के एवज में दो लाख रुपये नकद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार संजीत कुमार के आवास पर शुक्रवार को जब निगरानी टीम पहुंची तो गर्दनीबाग स्थित हरेंद्र विला के बेसमेंट में कार्यपालक अभियंता ने अपना आलीशान कार्यालय खोल रखा था. निगरानी की टीम अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत मिलने के बाद उनके आवासीय अपार्टमेंट स्थित कार्यालय के पास पहुंच गए और फिर घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद जब उनके अपार्टमेंट के फ्लैट में निगरानी की टीम पहुंची तब आवास पर नकदी देख हैरान रह गयी. निगरानी के मुताबिक हरेंद्र विला स्थित आवास और बक्सर स्थित उनके पैतृक आवास पर भारी मात्रा में नकद रुपये मिले हैं.निगरानी के अधिकारियों ने बताया कि इंजीनियर ने गर्दनीबाग स्थित अपने घर की सजावट पर भी लाखों खर्च किए थे. निगरानी ब्यूरो ने कार्यपालक अभियंता संजीत कुमार को गर्दनीबाग स्थित हरेंद्र विला आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. 

दरअसल, कार्यपालक अभियंता के खिलाफ दानापुर के ठेकेदार अवधेश गोप द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एक दिसंबर को शिकायत दर्ज करायी थी. इसी शिकायत के बाद इसका सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के कम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया.

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