निलंबित कारा अधीक्षक के बचाव में उतरी पत्नी, कैदी के मौत मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग, CM को लिखी चिट्ठी

निलंबित कारा अधीक्षक के बचाव में उतरी पत्नी, कैदी के मौत मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग, CM को लिखी चिट्ठी

SASARAM : नवादा जिले में स्थित मंडल कारा में पिछले साल 6 सितंबर 2021 को एक विचाराधीन कैदी गुड्डू कुमार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी. इस मामले में जेल अधीक्षक अभिषेक पांडे सहित चार लोगों को निलंबित कर दिया गया था. मामले की सच्चाई जानने के लिए जिलाधिकारी यशपाल मीना ने एक जांच टीम गठित की. जिस जांच टीम ने मंडल कारा के तात्कालिक अधीक्षक अभिषेक पांडे, उनके दो बॉडीगार्ड तथा एक अन्य अधिकारी को इस मामले में दोषी पाते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंपी. चुकी घटना के तत्काल बाद तात्कालिक कारा अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया था. अब चुकी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. जिसमें कहीं ना कहीं तत्कालिक जेल प्रशासन पर को गुड्डू कुमार के मौत का जिम्मेदार बताया गया.

इस पूरे मामले में अपने पति को घिरते देख तत्कालिक जेल अधीक्षक अभिषेक पांडे की पत्नी लकी पांडे ने सीएम नीतीश कुमार, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा मानवाधिकार आयोग को मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है. जिसमें पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है. तत्कालिक जेल अधीक्षक अभिषेक पांडे की पत्नी द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि जिस दिन घटना हुई थी. उस दिन उसके पति अभिषेक पांडे अपने आवास पर ही थे. एक बार भी कारा में नहीं गए. उनका एक बॉडीगार्ड दो दिन पहले से छुट्टी पर था. जब उनके पति कारा में उपस्थित ही नहीं थे तो उनके पति को कैदी गुड्डू कुमार के मौत के लिए जिम्मेवार क्यों ठहराया जा रहा है? अपने पत्र में लकी पांडे ने लिखा है कि 11 मार्च 2021 से जब से उनके पति ने नवादा जेल में अपनी सेवा दी है. उसके बाद लगातार जेल की व्यवस्था में सुधार किया है. जेल में पुराना वीआईपी कल्चर को समाप्त कर सभी कैदियों को सामान्य व्यवहार एवं सुविधाओं की व्यवस्था किया. जिससे कई दुर्दांत कैदियों को परेशानी थी. इन्हीं तमाम कारणों से उसके पति को फंसाया गया है. तत्कालिक जेल अधीक्षक की पत्नी ने अपने पत्र में लिखा है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराया जाए, ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके.

नवादा जिला के रजौली थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना के मामले में ग्रामीणों ने गुड्डू कुमार नामक एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंपा था. इसके पास से 40 लीटर शराब भी बरामद हुए थे. 3 सितंबर 2021 को गुड्डू कुमार को न्यायालय ने मंडल कारा भेज दिया गया. बताया जाता है कि 5 सितंबर 2021 को गुड्डू कुमार की तबीयत बिगड़ गई तथा 6 सितंबर 2021 को अस्पताल में कैदी ने दम तोड़ दिया. जिसके बाद मृतक कैदी के परिवार के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई. जिसमें बताया गया कि जब गुड्डू रजौली थाना में पकड़ा गया था. उस समय उसकी हालत ठीक थी. लेकिन बाद में क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई? आशंका व्यक्त की जा रही है कि ग्रामीणों द्वारा गुड्डू के साथ मारपीट की गई होगी. उसी दौरान कोई चोट लग गई होगी. जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई. जिसमें जेल अधीक्षक अभिषेक पांडे को भी दोषी बताया जा रहा है. जबकि अभिषेक पांडे की पत्नी लकी पांडेय का कहना है कि 4 सितंबर के बाद उसके पति मंडल कारा नवादा नहीं गए,  क्योंकि उनकी तबीयत खराब थी. साथ ही रविवार का दिन भी था.

पत्नी द्वारा लिखे गए मार्मिक पत्र में कहा गया कि उसके पति को कैदी के मृत्यु का दोषी बताया जा रहा है. जबकि उसके 3 महीने के बच्चे हैं. उनके पति अभिषेक पांडे द्वारा जेल की कुव्यवस्थाओं को सुधार दिया जाने तथा दुर्दांत एवं माफिया तंत्र पर नकेल कसने के कारण फसाया गया है. जब घटना के दिन उनके पति मौके पर थे ही नहीं, तो फिर इसके लिए उन्हें किस परिस्थिति में जिम्मेवार ठहराया जा रहा है. उन्होंने तत्काल इसकी जांच की मांग की है.

सासाराम से राजू की रिपोर्ट

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