TOKYO OLYMPICS: महिलाओं की चमक बरकरार, डिस्कस थ्रो में कमलप्रीत कौर ने रचा इतिहास, फाइनल में मारी एंट्री, पुरूष दोबारा चूके

TOKYO OLYMPICS: महिलाओं की चमक बरकरार, डिस्कस थ्रो में कमलप्रीत कौर ने रचा इतिहास, फाइनल में मारी एंट्री, पुरूष दोबारा चूके

DESK: टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं का दबदबा बरकरार है। पुरूष खिलाड़ी जहां एक-एक कर मेडल की रेस से बाहर होते जा रहे हैं, वहीं महिलाओं की चमक सोने-सी निखरती जा रही है। शनिवार की सुबह कमलप्रीत कौर ने इतिहास रचते हुए डिस्कस थ्रो के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होनें अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी कौ चौंका दिया है।

कमलप्रीत कौर ने ग्रुप बी में अपने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का स्कोर किया। कमलप्रीत कौर भारत की ओर से यह रिकॉर्ड स्कोर करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने फाइनल में जगह बना ली है। वह अब पदक की भी तगड़ी दावेदार मानी जा रही हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में 63.97 और पहले प्रयास में 60.25 मीटर का स्कोर किया था। कमलजीत नेअगर यही प्रदर्शन दोहरा दिया तो वहएथलेटिक्स में मेडल लाने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी। कमलप्रीत नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं। ग्रुप बी केक्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने यह शानदार प्रदर्शन किया। ग्रुप ए के क्वालिफिकेशन राउंड में भारत की सीमा पूनिया छठे स्थान पर थीं। छठे स्थान पर आने के साथ ही पूनिया का टोक्यो ओलंपिक का सफर खत्म हो गया। वह क्वालिफिकेशन राउंड में 16वें नंबर पर रहीं। सीमा ने अपने दूसरे प्रयास में 60 मीटर का स्कोर किया था।

कमलप्रीत कौर पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के बादल गांव की रहने वाली हैं। वह खुद कहती हैं कि वह पढ़ाई में कमजोर थीं। जिसके बाद उनके कोच ने उनसे एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कहा था। वहां उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा था और वह चौथा स्थान हासिल कर पाईं थीं। पढ़ाई में कमजोर होने के चलते कमलप्रीत को लगा कि उन्हें खेल पर ध्यान देना चाहिए जिसके बाद वह खेल के मैदान में उतर गईं। कौर ने साल 2014 से खेल के प्रति दिलचस्पी दिखाई और गंभीर हुईं। उनकी शुरुआती ट्रेनिंग भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में उनके गांव में शुरू हुई। साल 2019 में दोहा में हुए एशियाइ एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में वह पांचवें स्थान पर रहीं थीं। उन्होंने डिस्कस थ्रो में 65 मीटर बाधा पार की और ऐसा करने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने 2019 संस्करण में 60.25 मीटर डिस्कस थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था।

वहीं ओलंपिक में महिलओं और पुरूषों के प्रदर्शन की बात करें तो तीरंदाज अतानु दास और बॉक्सर अमित पंघल हारकर बाहर हो गए। दोनों को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार झेलनी पड़ी। बॉक्सिंग में अब पूजा रानी से उम्मीदें हैं। वह आज क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतते ही अपना ओलंपिक पदक पक्का कर लेंगी। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु भी अपना सेमीफाइनल जीतने का पूरा जोर लगाएंगी।


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