TOKYO PARALYMPICS: भारत को मिली चौगुनी खुशी, दो खेलों में पैरा एथलीट्स ने जीते 2 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक

TOKYO PARALYMPICS: भारत को मिली चौगुनी खुशी, दो खेलों में पैरा एथलीट्स ने जीते 2 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक

N4N DESK: इस बार हमारे पैरा एथलीट्स ने ठान लिया है कि एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़कर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इसी कड़ी में एक ही दिन में भारत को चौगुनी खुशी देते हुए शटलर प्रमोद भगत और मनोज सरकार ने बैडमिंटन में क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक काबिज किया है। बैडमिंटन सिंगल्स SL-3 में बिहार के बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने स्वर्ण पदक काबिज किया है। वहीं इसी खेल में मनोज सरकार ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

इसके साथ ही टोक्यो पैरालंपिक में भारत के कुल पदकों की संख्या 17 हो गई है जो उसका अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं शनिवार को ही P4 Mixed 50m Pistol SH1 इवेंट में फाइनल में मनीष नरवाल ने 218.2 का स्कोर कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं सिंहराज 216.7 प्वाइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

बिहार के हाजीपुर में जन्मे और वर्तमान में ओडिशा में रह रहे प्रमोद भगत ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। शनिवार को उन्होंने बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स SL-3 फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन के वर्ल्ड नंबर-2 डेनियल बेथेल को 21-14, 21-17 से हराया। इसके साथ ही 33 साल के प्रमोद भगत पैरालंपिक के बैडमिंटन इवेंट में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय शटलर बन गए हैं। SL-3 वर्ग में ही मनोज सरकार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। उत्तराखंड के रहने वाले मनोज ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जापान के डाइसुके फुजिहारा को 46 मिनट में 22-20, 21-13 से शिकस्त दी। गौरतलब है कि मनोज सरकार को सेमीफाइनल में डेनियल बेथेल ने हरा दिया था।

पहली बार पैरालिंपिक में शामिल बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। प्रमोद के अलावा एसएल-4 में नोएडा के डीएम सुहास यथिराज और एसएच-6 कैटगिरी में भी कृष्णा नागर फाइनल में पहुंच कर मेडल पक्का कर चुके हैं।सुहास यतिराज एसएल-4 कैटगिरी में गोल्ड मेडल के लिए लिए मजूर लुकास से भिड़ेंगे। फाइनल मैच रविवार को खेला जाएगा। वहीं इसी कैटगिरी में ब्रॉन्ज मेडल के लिए तरुण ढिल्लो इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से भिड़ेंगे।







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