वंदे भारत नहीं, 160 किमी की स्पीड से दौड़ी यह ट्रेन, 4 घंटे से भी कम समय में पूरी की डीडीयू-धनबाद यात्रा

वंदे भारत नहीं, 160 किमी की स्पीड से दौड़ी यह ट्रेन, 4 घंटे से भी कम समय में पूरी की डीडीयू-धनबाद यात्रा

Patna - भारतीय रेलवे द्वारा शुक्रवार को ट्रेनों की गति बढ़ाने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। आज पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू–गया–प्रधानखांटा (धनबाद) रेलखंड पर शुक्रवार को हाई स्पीड ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान मॉडर्न एलएचबी रेक से युक्त स्पेशल ट्रायल ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। ट्रेन ने डीडीयू से धनबाद का सफर चार घंटे से भी कम समय में पूरा किया है। 

ट्रायल ट्रेन सुबह 11 बजे दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से रवाना हुई और सासाराम स्टेशन से 11:36 बजे गुजरती नजर आई। विशेष निगरानी के तहत इस दौरान सासाराम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। खुद ट्रायल ट्रेन में डीडीयू मंडल के महाप्रबंधक सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने यात्रा के दौरान हर स्टेशन और ट्रैक की स्थिति पर नजर रखी। रेलवे ने इस पूरे परीक्षण को अत्यंत गंभीरता और सटीकता के साथ अंजाम दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा और यह भविष्य की गति परियोजनाओं के लिए एक अहम संकेत है।

रेल प्रशासन की योजना के अनुसार, अब इस विशेष ट्रेन का अप लाइन में भी परीक्षण किया जाएगा। ट्रेन धनबाद से गया होते हुए मुगलसराय तक चलेगी, ताकि दोनों दिशाओं में ट्रैक की गति क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।

वंदे भारत के साथ दूसरी ट्रेनों की बढ़ेगी स्पीड

दरअसल,भारतीय रेलवे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। वंदे भारत ट्रेन इसका उदाहरण है। अब वंदे भारत की तरह दूसरे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए पटरियों में जरुरी सुधार करने के साथ उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्री का भी निर्माण कराया गया है। 

रेलवे की यह पहल पूर्व मध्य रेल के प्रमुख मार्गों की गति सीमा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि भविष्य में तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।


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