पोस्टमार्टम के बाद 12 दिनों तक अस्पताल में शव छोड़ना थानाध्यक्ष को पड़ा महंगा, SP ने लापरवाही पर दो थानेदार से मांगा स्पष्टीकरण

पोस्टमार्टम के बाद 12 दिनों तक अस्पताल में शव छोड़ना थानाध्यक्ष को पड़ा महंगा, SP ने लापरवाही पर दो थानेदार से मांगा स्पष्टीकरण

मोतिहारी. एसपी ने पोस्टमार्टम होने के बाद 12 दिन तक शव को अस्पताल में छोड़ने व बैंक लूट में थानेदार द्वारा लापरवाही बरतने को लेकर बड़ी करवाई की है।जिला के चकिया व हरैया ओपी थाना के थानेदार से जबाब तलब किया है। एसपी के जबाब तलब के बाद दोनों थानेदार पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।

दो थानाध्यक्षों से मांगा स्पष्टीकरण

मोतिहारी एसपी डॉ. कुमार आशीष ने चकिया थानाध्यक्ष धनंजय कुमार, पुलिस निरीक्षक एवं हरैया ओपी प्रभारी विवेक कुमार जयसवाल, पुलिस अवर निरीक्षक से कर्तव्य पालन में बरती गई घोर लापरवाही, अक्षमता, मनमानी, आदेशोल्लंघन एवं स्वेच्छाचारिता के लिए स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर कड़ी करवाई की बात कही गयी है।


चकिया थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उनके नेतृत्व में थाना काफी निष्क्रिय रहा है। वहीं उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक गवन्द्रा के इलाके में 27 जुलाई को लूट की घटना हुई। यहां प्रथम दृष्टया गश्ती नहीं करने का मामला प्रकाश में आया। इसमें थानाध्यक्ष की लापरवाही है। वहीं लूट की घटना के बाद घटनास्थल पर थानेदार द्वारा पुलिसिंग के स्थापित नियमों के विरुद्ध सादे लिबास में घटना स्थल पर पहुंचे।

हरैया ओपी प्रभारी पर आरोप है कि इन्होनें नियमों के विरुद्ध दो अज्ञात लाशों को तयशुदा 72 घंटे की बजाय 12 दिन एवं 5 दिन तक सदर अस्पताल के शवगृह से पोस्टमार्टम के उपरांत भी दाह-संस्कार नहीं कराया गया। मीडिया में खबर आने के बाद पुलिस की नींद टूटी। इसके बाद शवदाह गृह से शव को पुलिस ले गयी।

Find Us on Facebook

Trending News