बिहार कैबिनेट की बैठकः आज की मीटिंग में सरकार ने लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय,जानें....

बिहार कैबिनेट की बैठकः आज की मीटिंग में सरकार ने लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय,जानें....

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की बुलाई थी। बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। आज की कैबिनेट मीटिंग में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगी है। 

शेखपुरा सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ अंजनी कुमारी को 2011 से लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया है .आदर्श केंद्रीय कारा बेउर एवं मंडल कारा हाजीपुर में पायलट परियोजना के रूप में मोबाइल फोन जैमर लगाने की स्वीकृति दी गई है। अधिष्ठापन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड द्वारा समर्पित 19 करोड़ 52 लाख ₹566 की योजना के प्रस्ताव के मनोनयन के आधार पर स्वीकृति दी गई है। 

बिहार औद्योगिक सुरक्षा बटालियन में सृजित पदों के पुर्ननामांकन के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई है .बिहार छोआ अधिनियम 1947 की धारा 8 के अधीन राज्य में उत्पादित छोआ के मूल्य निर्धारण की स्वीकृति दी गई है. बिहार में ऑनलाइन सेवाएं अंतर्गत की ई-मापी के कार्यान्वयन के लिए सभी 534 अंचल,101 अनुमंडल और सभी 38 जिलों के लिए 711 ईपीएस मशीन खऱीद करने के लिए 42 करोड़ 66 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है .पंचायती राज्य संस्था एवं नगर निकाय संस्था के अधीन प्रारंभिक शिक्षक, नगर प्रारंभिक शिक्षक के मूल कोटि के स्वीकृत 40518 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए शिक्षा विभाग के नियंत्रण अधीन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक के पद सृजन की स्वीकृति दी गई है. पंचायतों में माध्यमिक विद्यालय,उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के 5334 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है .

नीतीश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की स्वीकृति दी है. बिहार पंचायत चुनाव में ईवीएम के लिए पिंक पेपर सील का मुद्रण सरस्वती प्रेस कोलकाता से नामांकन के आधार पर कराए जाने की स्वीकृति दी गई है .आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के परिसर में स्थापित 7 शैक्षणिक केंद्रों को आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के साथ संविलयन करने की स्वीकृति दी गई है. जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के दावों के भुगतान एवं प्रशासनिक व्यय के लिए राज्य उच्च माध्यमिक कुल ₹99 करोड़ 67 लाख, सूचीबद्ध अस्पतालों के दावों के भुगतान के लिए ₹80 करोड़ एवं प्रशासनिक व्यय के लिए ₹19करोड़ 68 लाख की विमुक्ति एवं इस राशि को बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के अकाउंट में स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी गई है.

बिजली कंपनियों द्वारा ऊर्जा बकाया के मद में भुगतान को लेकर ऋण लेने की स्वीकृति दी गई है। साख पत्र के लिए पंजाब नेशनल बैंक एवं अन्य विभिन्न बैंकों से नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 400 करोड़ एवं साउथ बिहार कंपनी को 450 सौ करोड़ रुपए यानी 850 करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई है. ऋण एवं ऋण पर ब्याज भुगतान कंपनियों को आंतरिक संसाधन से करने की स्वीकृति दी गई है.

 बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम को बिहार आकस्मिकता निधि से 20 करोड़ अग्रिम एवं समतुल्य राशि सशर्त अल्पकालीन ऋण के रूप में भुगतान की स्वीकृति दी गई है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर एवं इसके अंगीभूत महाविद्यालयों एवं शोध संस्थानों में कार्यरत सेवानिवृत्त शिक्षक, वैज्ञानिकों के लिए 1 जनवरी 2016 के प्रभाव से पुनरीक्षित वेतनमान अंतरिम रूप से पुनरीक्षित वेतन की स्वीकृति दी गई है।  

15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत सरकार से प्राप्त अनुदान की प्रथम किस्त के कुल 7 अरब 41 करोड़ 80 लाख रू की राशि को त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है. 2021-22 से 2025-26 तक भारत सरकार से प्राप्त होने वाली टाइट एवं अनटाइड अनुदानों को त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरण एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है। 

Find Us on Facebook

Trending News