बिहार पुलिस ने तबादले के नियम में किया बड़ा बदलाव, अब ट्रांसफर से पहले पुलिसकर्मियों से नहीं पूछी जाएगी उनकी च्वाइस

बिहार पुलिस ने तबादले के नियम में किया बड़ा बदलाव, अब ट्रांसफर से पहले पुलिसकर्मियों से नहीं पूछी जाएगी उनकी च्वाइस

PATNA : बिहार पुलिस के सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के पुलिसकर्मियों के तबादले की नई नीति तय हो गई है। नई नीति में अब पुलिसकर्मी अपने तबादले के लिए ऐच्छिक विकल्प नहीं दे सकेंगे। दो वर्ष पूर्व बनी पुरानी नीति में जिला व रेंज टर्म पूरा होने पर तबादले से पूर्व पुलिसकर्मियों से एच्छिक विकल्प मांगे जाने का नियम था, जिसे समाप्त कर दिया गया है।  एडीजी मुख्यालय जीतेन्द्र सिंह गंगवार ने कहा कि 90 हजार पुलिसकर्मियों के कार्यहित और भविष्य कल्याण को देखते हुए नई पॉलिसी बनाई गई है जिनका उन्हें लाभ मिलेगा।

तबादला नीति में इसके अतिरिक्त भी कई बदलाव किए गए हैं। नई तबादला नीति में पति-पत्नी यदि बिहार पुलिस में कार्यरत हैं तो यथासंभव एक स्थान पर उनकी पोस्टिंग की कोशिश की जाएगी। हालांकि उनका स्थानांतरण गृह जिला या वैसे जिले में नहीं किया जाएगा, जहां दोनों पहले पदस्थापित रह चुके हैं। ऐसे दंपती को एक जगह पदस्थापन पाने के लिए संयुक्त हस्ताक्षर से आवेदन देना होगा। इसके लिए भी अपने सेवाकाल में पुलिस दंपती अधिकतम दो बार ही आवेदन दे सकते हैं। साथ ही जिला व रेंज अवधि का नियम भी इनपर लागू होगा।  इसके पहले आवेदन की संख्या को लेकर कोई प्रविधान नहीं था।


गृह जिला में तबादला नहीं
 डीजीपी द्वारा जारी तबादला नीति में स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृति की निकटता को छोड़ कर पुलिसकर्मियों का तबादला गृह जिला में नहीं होगा। वहीं, जिला या रेंज में एक बार तैनाती होने के बाद कार्यकाल चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, दोबारा वहां पोस्टिंग नहीं होगी। हालांकि विशेष परिस्थिति में प्रशासनिक हित को देखते हुए डीजीपी इसपर निर्णय ले सकेंगे। बिहार पुलिस में सिपाही से इंस्पेक्टर तक के पुलिसकर्मियों के तबादले को लेकर नीति तय कर दी गई है। इसके तहत पुलिसकर्मियों के जिला व रेंज टर्म पूरा होने के आधार पर तबादले के लिए पहले से एच्छिक विकल्प मांगे जाने का नियम खत्म कर दिया गया है।

अब पुलिसकर्मियों से उनके पदस्थापना को लेकर च्वाइस नहीं मांगी जाएगी। तबादला नीति में इसके अतिरिक्त भी कई बदलाव किए गए हैं। नई तबादला नीति में पति-पत्नी यदि बिहार पुलिस में कार्यरत हैं तो यथासंभव एक स्थान पर उनकी पोस्टिंग की कोशिश की जाएगी। हालांकि उनका ट्रांसफर गृह जिला या वैसे जिला में नहीं किया जाएगा जहां वे पहले पदस्थापित रह चुके हैं। साथ ही जिला व रेंज अवधि का नियम भी इनपर लागू होगा।

गुप्तेश्वर पांडेय ने बनाए थे नियम

दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के कार्यकाल में पुलिसकर्मियों के तबादले को लेकर पुलिस आर्डर जारी हुआ था। इसे इस वर्ष जून में समाप्त कर दिया गया था। उस आदेश में जिला और रेंज टर्म पूरा करने वाले पुलिसकर्मियों से तबादले से पहले पांच ऐच्छिक (मनचाहा) विकल्प मांगे जाने के प्रवाधान किए गए थे। राज्य पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पुरानी पॉलिसी में च्वाइस पोस्टिंग की प्रक्रिया पर अमल नहीं किया जा सका। लिहाजा नई नीति में इसे समाप्त कर दिया गया है।


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