बिहार न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों ने की तिथि बढाने की मांग, जानिए वजह

बिहार न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों ने की तिथि बढाने की मांग, जानिए वजह

PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित बिहार न्यायिक सेवा मुख्य लिखित परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग छात्रों ने सरकार से की है। छात्रों की शिकायत यह है कि बिहार के 16 जिले, एक सौ से अधिक प्रखंड और 719 पंचायत के लोग आंशिक एवं पूर्ण रूप से बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। बिहार में बाढ़ अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। उत्तर बिहार के कई प्रखंड और पंचायत ऐसे हैं जहां से मुख्य मार्ग सहित रेल सेवाओं का संपर्क कई जगहों से टूट चुका है। 

ऐसी स्थिति में छात्रों के सामने यह समस्या आ खड़ी हुई है कि आवागमन बाधित होने की स्थिति में सैकड़ों छात्र परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों का भविष्य अंधकार में हो सकता है। कई छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि न्यायालय में भी इस मामले को लेकर इस पर उचित निर्णय लेने और कार्रवाई करने की मांग की गई है। 

कई पूर्व मंत्री एवं सांसद ने भी सरकार को इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए यह मांग किया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिहार न्यायिक सेवा मुख्य लिखित परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की जरूरत है। एक छात्रा ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक अभियोजन पदाधिकारी की पीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य लिखित परीक्षा की तिथि आयोग द्वारा 24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच निर्धारित की गई। लेकिन बिहार के परिवेश में इन दिनों बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। 

खासकर उत्तर बिहार के इलाकों बाढ़ ने अपना कहर बरपा रखा है। ऐसी स्थिति में परीक्षा की तिथि अगर आयोग द्वारा आगे बढ़ाती है तो इससे छात्र छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने में काफी राहत मिलेगी और अगर आयोग ऐसा नहीं करती है तो बहुत सारे छात्र छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएं। जो बिहार के बुद्धिजीवी छात्रों के लिए उनके अधिकार हनन की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

पटना से सुमित की रिपोर्ट 

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