जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, 200 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम नीतीश, 200 लोगों की समस्याओं पर की सुनवाई

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4 देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 200 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग के मामलों पर सुनवाई हुयी।

इस मौके पर नालंदा जिले की रहनेवाली एक महिला ने गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी शादी पटना के गुलजारबाग के मेंहदीगंज में हुई है। मुझे दो बेटी है। उसके बाद भी मेरे पति ने दूसरी शादी कर ली है। जब पुलिस से इसकी शिकायत की तो पटना पुलिस ने कहा कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। क्योंकि आप नालंदा की रहनेवाली हैं। इसलिए नालंदा में ही कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीँ जनता दरबार में एक महिला ने गुहार लगाते हुए कहा कि उसका पति पंजाब में काम करता है। गांव के युवक पर जबरन गलत काम करने और वीडियो बनाने का महिला ने आरोप लगाया और कहा कि वह वीडियो बनाकर वह जबरदस्ती शादी करने की बात कह रहा है। इस मामले की जानकारी पुलिस को देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को इस पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मधेपुरा से आए युवक बताया कि उसे अपराधियों ने चार गोलियां मारी। एफ0आई0आर0 भी हुई। लेकिन अपराधी खुलेआम घूम रहा है, वह धमकाता है। एस०पी० के रीडर पर युवक ने मामले को दबाने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेश को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अरवल से आए एक फरियादी ने शिकायत करते हुए कहा कि फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति मामले में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं एक फरियादी ने बताया कि कब्रिस्तान के साथ ही निजी जमीन को भूमि माफिया ने बेच दिया है। उसके बाद उसे धमकी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया। एस0टी0एफ0 में कार्यरत एक सिपाही की पत्नी ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उनकी शादी को तीन साल हो गए। पति एस0टी0एफ0 में है लेकिन सर्विस बुक पर उनका नाम नहीं चढ़ा है। अब वह दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गया के एक जे०पी० सेनानी ने अपनी शिकायत करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि बिहार सरकार जे०पी० मूवमेंट में सभी आंदोलनकारियों को पेंशन देती है। लेकिन मेरा पेंशन तक शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि आपने अब तक आवेदन क्यों नहीं किया। जे०पी० सेनानी ने बताया कि छह साल पहले उन्होंने पेंशन के लिए आवेदन दिया था। लेकिन यह कहा गया कि कमेटी का गठन किया जाएगा, तब फैसला लिया जाएगा। इस पर जे०पी० सेनानी ने कहा कि वह सरकारी नौकरी में थे। इसलिए पेंशन के लिए आवेदन नहीं किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

गोपालगंज के एक व्यक्ति ने सरकारी गैरमजरुआ जमीन से होकर गुजरनेवाली सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने की शिकायत की तो वहीं भागलपुर के एक व्यक्ति ने कब्रिस्तान की घेराबंदी के संबंध में शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समस्याओं के समाधान के लिए उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नवादा निवासी खुशबू कुमारी ने फरियाद करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि वो हैंडबॉल खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। इस आधार पर सिपाही के पद से अन्य पद पर उन्हें पदोन्नति दी जाए। वहीं अररिया जिले के एक युवक ने स्वतंत्रता सेनानियों के नाती-पोता को आरक्षण दिए जाने की अपनी शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुजफ्फरपुर के एक युवक ने शिकायत करते हुए कहा कि दबंगों ने उनके घर को तोड़कर घर से बेघर कर दिया है और घर के सामान की लूटपाट भी की है लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। वहीं मुजफ्फरपुर के एक व्यक्ति ने सेवानिवृति के उपरांत सेवांत लाभ नहीं मिलने के संबंध में अपनी शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस पर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बिहारशरीफ के एक व्यक्ति ने एस०सी० / एस०टी० अधिनियम के अंतर्गत एक मामले में पुलिस द्वारा उन पर गलत कार्रवाई की जा रही है। वहीं किशनगंज के एक व्यक्ति ने मू अर्जन की जमीन का मुआवजा व्यवसायिक प्रकृति के आधार पर दिलाने के संबंध में मांग की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

'जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, खान एवं भू-तत्व मंत्री जनक राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेशक एस०के० सिंघल, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।

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