सीएम नीतीश की महिला आईएएस अधिकारी ने विवादित बयान पर मचे बवाल के बाद मांगी माफ़ी, कहा मेरा उद्देश्य किसी को नीचा दिखाने का नहीं

सीएम नीतीश की महिला आईएएस अधिकारी ने विवादित बयान पर मचे बवाल के बाद मांगी माफ़ी, कहा मेरा उद्देश्य किसी को नीचा दिखाने का नहीं

PATNA : पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में विवादित बयान देने के बाद मचे बवाल के बाद महिला एवं बाल विकास की प्रबंध निदेशक हरजोत कौर बमराह ने खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा की 27 सितंबर को पटना में ‘सशक्त बेटी समृद्ध बिहार’ विषय पर यूनिसेफ, सेव द चिल्ड्रन और प्लान इंटरनेशनल के द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसका उद्घाटन विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह ने किया था। 


कार्यशाला में समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रेम सिंह मीणा और यूनिसेफ बिहार की प्रमुख नफीसा मौजूद थी। इस कार्यशाला में बिहार में बालिकाओं की वर्तमान स्थिति एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध अवसर, उनके जीवन में आने वाली कठिनाइयों का क्या समाधान हो सकता है इस पर विस्तृत चर्चा की गई। बिहार सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए एवं महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के बारे में सभी प्रतिभागियों को बताया गया। 2016 से सेनेटरी पैड के लिए ₹300 की राशि उपलब्ध कराई जाती है ताकि स्वच्छता प्रबंधन में बालिकाओं को सहायता मिल सके। 

महिला बाल विकास निगम द्वारा माहवारी प्रबंधन एवं स्वच्छता कार्यक्रम के तहत उच्च माध्यमिक विद्यालय में सेनेटरी पैड बिल्डिंग मशीन उसके निस्तारण के लिए भी मशीन देने का निर्णय लिया गया है। जिसका क्रियान्वन जिक्र किया जा रहा है। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है। माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन में अच्छा कार्य करने वाले 34 महिला शिक्षकों को भी 8 जुलाई 22 को विकास आयुक्त के द्वारा लैपटॉप देकर पुरस्कृत किया गया था। इन सब मामलों को लेकर कार्यक्रम में परिचर्चा प्रारंभ हुई।

हरजोत कौर ने कहा की इसी क्रम में मेरे द्वारा कहे गए कुछ शब्दों एवं वाक्यांशों को आपत्तिजनक माना गया। पूरे कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं की निर्भरता की बीड़ी को तोड़कर स्वतंत्र रूप से जीने के लिए प्रोत्साहित करना था और उनमें आत्मविश्वास जगाना था। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा कही गई बातों को यदि पूर्ण रूप से सुना जाए तो यह स्पष्ट होगा कि मैं बेटियों को आप निर्भरता की ओर प्रेरित करना चाह रही थी। पितृसत्तात्मक समाज में उन्हें दूसरे पर जीवन भर आश्रित रहना सिखाया जाता है। साथ ही लड़का लड़की की परवरिश में भेदभाव कर लड़की को अपने को अबला और निस्सहाय मानना सिखा दिया जाता है। घर के बाहर की दुनिया में वह सुरक्षित नहीं है। यह बात दिमाग में डाल दी जाती हैं। जिस कारण कई बार वह मानसिक जंजीरों में जकड़ कर अपने विकास के रास्ते को सुविधा होते हुए भी नहीं चुन पाती है। उन्होंने कहा कि मेरे कहने का उद्देश्य किसी को नीचा दिखाने या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना था। हालाँकि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा की इस मामले को लेकर कार्रवाई की जाएगी। 


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