अलीगढ़ में पीएम-सीएम के दौरे से पहले किसानों ने किया प्रदर्शन, प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप

अलीगढ़ में पीएम-सीएम के दौरे से पहले किसानों ने किया प्रदर्शन, प्रशासन पर लगाये गंभीर आरोप

अलीगढ़. जनपद के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर महेशपुर फाटक पर रोड जाम किया. सीओ सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रहे. वाहनों की लंबी लंबी कतारें सड़कों पर लगी रही. वहीं हजारों की तादाद में मौजूद किसान गन्ना मंत्री से मिलने की बात पर डटे हुए हैं. रविवार को अलीगढ़ में किसानों की साथा गन्ना मील को लेकर महापंचायत हुई हैं. सर्किट हाउस पर हजारों की संख्या में पहुंचे किसान जमकर प्रदर्शन कर सुरेश राणा गन्ना मंत्री से मिलने की जिद कर रहे हैं. वहीं प्रधानमंत्री के आने से पहले किसानों का हंगामा देख जिला प्रशासन के माथे पर पसीना आ गया है.

अलीगढ़ में 14 सितंबर को डिफेंस कॉरिडोर और राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए पहुंच रहे प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले अलीगढ़ में किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया है. किसानों द्वारा की गई इस महापंचायत में 52 साल पहले अलीगढ़ में स्थापित की गई. साथा चीनी मिल पिछले 7 साल से खराब पड़ी हुई है, इसको लेकर 2019 में प्रभारी गन्ना मंत्री सुरेश राणा के द्वारा किसानों से वायदा किया गया था. इस साथा चीनी मिल को सुचारू रूप से सही करा दिया.

वहीं गन्ना मंत्री के द्वारा किया गया अपना वादा पूरा नहीं होने पर किसानों में लगातार आक्रोश पनपता जा रहा है. इसी साथा चीनी मिल को लेकर आज किसानों की महापंचायत थाना क्वार्सी इलाके में बुलाई गई थी. इस महापंचायत में भारी तादाद में किसान इकट्ठा हुए थे. किसानों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है और किसानों ने प्रशासन और पुलिस को कटघरे में लेते हुए आरोप लगाया गया है कि किसानों को रोक कर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संदेश देना चाह रहे हैं कि अलीगढ़ का किसान उनके कार्यक्रम से पहले उनके विरोध में है.

किसानों का आरोप है कि राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिल पूछना चाह रहा था कि उनके द्वारा पिछले साढे 4 सालों में किसानों के लिए क्या कार्य किया गया है. लेकिन मुख्यमंत्री के पास जाने से किसानों के प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया था. वहीं किसानों का आरोप है कि पिछले साढे 4 सालों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा किसानों के खेत में क्या कार्य किए गए. इसको लेकर किसान उत्तर प्रदेश सरकार का सहयोग करें. यहां 52 साल पुरानी साथा चीनी मिल पिछले 7 वर्षों से जर्जर हालत में खराब पड़ी हुई है. इसके चलते किसान परेशानियों से जूझ रहा है और कर्ज तले दबता चला जा रहा है.

रविवार को हुई किसानों की महापंचायत में बरौली विधायक दलवीर सिंह किसानों के बीच मिलने के लिए पहुंचे थे. इसके बाद पंचायत में निर्णय हुआ की प्रभारी गन्ना मंत्री सुरेश राणा अलीगढ़ में मौजूद थे. इनके पास शांतिपूर्ण तरीके से किसान मिलने के लिए जा रहे थे. उसी दौरान जिला पुलिस प्रशासन के द्वारा सीडीएफ पुलिस चौकी पर किसानों के ट्रैक्टर रोक दिया गए. इसके चलते दोनों जगह पर जाम लग गया है. किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि 14 सितंबर को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री होने वाले कार्यक्रम को विफल कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने षड्यंत्र और पूरी रणनीति के तहत किसानों को रोड़ पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया है.

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