पहले शराब, फिर बांध और अब चूहे खा गए 581 किलो गांजा, ‘नशेड़ी चूहों’ की खतरनाक कारस्तानी

पहले शराब, फिर बांध और अब चूहे खा गए 581 किलो गांजा, ‘नशेड़ी चूहों’ की खतरनाक कारस्तानी

DESK. हमारे देश में चूहों पर हमेशा आरोप लगता है कि वे देश के खाद्यान भंडारों को नुकसान पहुंचाते हैं. लेकिन समय बदलने के साथ चूहों की आदत भी बदल गई है. अनाज खाने वाले चूहे अब नशेड़ी हो गए हैं. नशा भी ऐसा कि कभी हजारों लीटर शराब गटक जाते हैं तो कभी सैंकड़ों किलो गांजे को चपत कर जाते हैं. बाकायदा पुलिस रिकॉर्ड में इन बातों की जिक्र है कि कैसे मालखाने पर चूहों की नापाक नजर रहती है. वे इंसानों की भांति ही नशे के आगोश में आ जाते हैं. 

चूहों के गांजा में चपत लगाने का मामला उत्तर प्रदेश में उजागर हुआ है. यहां मथुरा जिले में शेरगढ़ और हाईवे थाना पुलिस के द्वारा पकड़ी गई 581 किलो गांजे की खेप को मालखाने से चूहे साफ कर गए. चूहों द्वारा गांजा खा जाने का खुलासा एडीजे सप्तम की अदालत में मांगी गई रिपोर्ट के बाद हुआ है. इसके बाद अदालत ने चूहों की समस्या से निपटने के लिए एसएसपी को आदेश दिया है. साथ ही शेरगढड और हाईवे थाना प्रभारियों को 26 नवंबर को साक्ष्य देने के लिए आदेशित किया है। 

शेरगढ़ पुलिस ने 386 किलो गांजे की खेप को पकड़ा था. वर्ष 2018 में हाईवे थाना पुलिस ने 195 किलो गांजे की खेप के साथ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. गांजे की खेप को सील मुहर के साथ थाने के मालखाने में जमा करवा दिया गया था. इसी में से नमूने के तौर पर कुछ गांजे को अदालत में आरोपियों के साथ पेश किया गया था। गांजे की तस्करी में संलिप्त इन सभी आरोपियों का ट्रायल एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में चल रहा है. इस बीच अदालत ने थाने के मालखाने में जमा गांजे के सील मोहर पैकेट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश हाईवे और शेरगढ़ थाना प्रभारियों को दिए. शेरगढ़ और हाईवे थाना प्रभारियों ने अदालत में पेश रिपोर्ट में कहा कि थाने के मालखाने में रखे हुए गांजे को चूहे खा गए हैं. लिहाजा गांजे की खेप को अदालत के सामने पेश नहीं किया जा सकता है.

थाना प्रभारी ने रिपोर्ट में यह भी कहा कि थाने में कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां पर रखे माल को चूहों से बचाया जा सके. लिहाजा जो थोड़ा बहुत गांजा बचा भी था उसे नष्ट कर दिया गया. यह जवाब जानकर अदालत ने एसएसपी को निर्देशित किया है कि वह मालखाने में पल रहे चूहों पर अंकुश लगाए और प्रभावी कदम उठाए. अदालत ने शेरगढ़ और हाईवे पुलिस को इससे संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 26 नवंबर की तिथि निर्धारित की है.


कुछ वर्ष पूर्व इसी तरह बिहार में चूहों पर शराब पीने का आरोप लगा था. शराबबंदी के बाद बिहार में जब्त शराब की बड़ी खेप के थानों से गायब होने पर पुलिस रिपोर्ट में कहा गया था कि चूहों ने शराब गटक ली. वहीं एक बांध में रिसाव होने के मामले में भी कहा गया था कि चूहों ने बांध का एक हिस्सा काट दिया जिस कारण यह हादसा हुआ. अब कुछ उसी तर्ज पर चूहों के गांजा खा जाने का मामला सामने आया है. 


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