मिलिए भीड़ में अकेले ऐसे लोकसभा प्रत्याशी से जिन्होंने जनता के सरोकार से जुड़े बालिका शिक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है

मिलिए भीड़ में अकेले ऐसे लोकसभा प्रत्याशी से जिन्होंने जनता के सरोकार से जुड़े बालिका शिक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है

SASARAM : इस लोकसभा चुनावों में आम जनता के लिए गैरजरुरी कई मुद्दे को विभिन्न दलों के प्रत्याशी चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। आम जनता से सरोकार रखने वाले मुद्दे गौण हैं। हमारे समाज में बेटियों की शिक्षा एक प्रमुख मुद्दा रहा है। दुर्भाग्य है कि किसी किसी दल या उनके उम्मीदवारों ने इसे प्रमुखता नहीं दी है। लेकिन इस भीड़ में एक ऐसा प्रत्याशी भी है जिनके अपने चुनावी अभियान में बेटियों की शिक्षा को प्रमुखता दी है। वे अपनी चुनावी अभियान में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं और जनता से समर्थन मांग रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं काराकाट लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम तिवारी की।

बिहार में काराकाट लोकसभा क्षेत्र से लड़ रहे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम तिवारी ने इस मुद्दे को प्रमुखता दी है। तिवारी ने वादा किया है कि अगर उन्हें वोट दिया जाता है, तो वह सुनिश्चित करेंगे कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में हर लड़की बारहवींपास करे। इसके साथ ही घनश्याम तिवारी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं के लिए एक लाख नौकरी के अवसरों का वादा भी किया है।

घनश्याम तिवारी ने कहा, "मैंने बिहार और यूपी के सीएम के साथ काम किया है और मैं खुद एक हार्वर्ड ग्रेजुएट हूं। कई बड़ी कंपनियों के साथ काम करने के बाद मुझे जॉब क्रिएशन की पेचीदगियों के बारे में अच्छी जानकारी है और मुझे यकीन है कि वोट देने पर मैं अपना वादा जरूर पूरा करूंगा।"

बता दें कि तिवारी लगभग तीन लाख बच्चों को शिक्षा प्रदान करने पर भी काम कर रहे हैं, और उन्हें विश्वास है कि शिक्षा के जिस मॉडल पर वह अपने व्यक्तिगत स्तर पर काम कर रहे हैं, उसे सफलतापूर्वक पूरे काराकाट निर्वाचन क्षेत्र में लागू किया जाएगा।

काराकाट के पिछले सांसदों के एक तीखे आलोचक घनश्याम तिवारी को लगता है कि उन सभी पूर्व सांसदों के लिए यह काराकाट केवल एक लोकसभा सीट थी, लेकिन उनके लिए यह उनका घर है। उन्होंने कहा, "मेरा जन्म काराकाट के गोड़ारी गांव में हुआ था। जिस तरह से मैं यहां के लोगों से जुड़ा हूं कोई बाहरी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता।"

बता दें कि घनश्याम तिवारी वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता हैं और टीवी डिबेट्स में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हैं। खासकर प्रमुख सरकारी नीतियों जैसे डिमोनेटाइजेशन और जीएसटी के आलोचक के रूप में जाने जाते हैं।

Find Us on Facebook

Trending News