अपहरण विवाद मामले में कानून मंत्री कार्तिक सिंह के वकील बोले- मामले को गलत तरीके से पेश किया गया, पुलिस जांच में मिली क्लीनचिट

अपहरण विवाद मामले में कानून मंत्री कार्तिक सिंह के वकील बोले- मामले को गलत तरीके से पेश किया गया, पुलिस जांच में मिली क्लीनचिट

पटना. कानून मंत्री कार्तिक सिंह से जुड़े अपहरण मामले के विवाद में बुधवार को उनके वकीलों ने कहा कि इस मामले को गलत तरीके से पेश किया गया है। किसी अदालत ने कार्तिक सिंह को वारंट जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और वकील रविशंकर प्रसाद ने गलत तरीके से कर्तिक सिंह के मामले की व्याख्या की।

उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अग्रिम जमानत याचिका एक बार से अधिक दायर की जा सकती है। कार्तिक सिंह की जमानत याचिका जिस समय ख़ारिज हुई, उस समय पुलिस अनुसंधान जारी था। पुलिस अनुसंधान जारी होने के कारण ही पटना हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत नहीं दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस अनुसंधान की रिपोर्ट के आधार पर निचली अदालत में कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि अब पुलिस अनुसंधान आ गया है। पुलिस ने इस तथाकथित अपराध में कार्तिक सिंह की संलिप्तता नहीं पायी है। इसलिए एक तरह से यह मामला समाप्त हो गया है। चूकी मजिस्ट्रेट को संज्ञान लेने का अधिकार है। यह सीआरपीसी की कुछ धारा के तहत होगा। इसमें मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लिया है, इसलिए उसके खिलाफ अब कार्तिक सिंह कोर्ट में गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्तिक सिंह के खिलाफ किसी अदालत ने वारंट जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि धारा 438 के तहत हमने कार्तिक सिंह के लिए फिर से जमानत की अपील की है।

Find Us on Facebook

Trending News