कोरोना टीके के नाम पर लोगों को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, राज खुला तो ऐसे मचा हड़कंप

कोरोना टीके के नाम पर लोगों को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, राज खुला तो ऐसे मचा हड़कंप

DESK. कोरोना संकट से जूझ रही दुनिया में फर्जीवाड़ा करने वालों की भी कोई कमी नहीं है. लेकिन कोरोना टीके के नाम पर लोगों को नमक के पानी का इंजेक्शन दे दिया जाए तब यह जरुर लोगों की जान से बड़ा खिलवाड़ करना कहा जा सकता है. 

लापरवाही का यह मामला जुड़ा है सिंगापुर से जहां 33 वर्षीय एक चिकित्सक को कोविड-19 रोधी टीके के बजाय इंजेक्शन में सलाइन (नमक का पानी) भरकर लगाने और गलत जानकारी साझा करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. बताया गया कि सिंगापुर मेडिकल काउंसिल (एसएमसी) ने जिप्सन क्वाह का चिकित्सक के रूप में पंजीकरण अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी होने तक के लिए निलंबित कर दिया है.

 अदालत में, कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण मंच ‘हीलिंग द डिवाइड' के सदस्य क्वाह पर टीकाकरण संबंधी गलत आंकड़े प्रस्तुत करके स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप तय किया गया. समिति ने फैसला सुनाया कि क्वाह का निलंबन ‘जनता की सुरक्षा और जनहित के लिए आवश्यक है.' 

इससे पहले क्वाह को 21 जनवरी को उनके साथी थोमव चुआ और आइरिस कोह के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में 20,000 सिंगापुरी डॉलर पर जमानत मिल गई थी. गौरतलब है कि भारत की तरह ही अन्य देशों में कोरोना टीका लगाया जा रहा है. लेकिन कुछ देशों में कोरोना टीके नाम पर अजीबोगरीब फर्जीवाड़े की खबरें सामने आई हैं. इसी में सिंगापुर में नमक के पानी का इंजेक्शन देने का यह मामला है. 


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