चिराग की पार्टी LJP को 'घिघियाना' भी नहीं आया काम, चले थे CM नीतीश को जेल भेजने और हाथ से पिता वाली सीट भी निकल गई

चिराग की पार्टी LJP को 'घिघियाना' भी नहीं आया काम, चले थे CM नीतीश को जेल भेजने और हाथ से पिता वाली सीट भी निकल गई

पटनाः चिराग पासवान चले थे बिहार का किंगमेकर बनने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेल भेजने, लेकिन जनता ने सुप्रीमो को वास्तविक हैसियत में ला दिया।वोटरों ने चिराग पासवान को न घर का छोड़ा न घाट का। जिस सलाहकार के बूते चिराग पासवान नीतीश कुमार को जेल भेजने की भविष्यवाणी कर रहे थे, सारी भविष्यवाणी धरी की धरी रह गई।अब तो चिराग पासवान और पार्टी के नेताओं को बीजेपी के समक्ष गुहार लगाना और घिघियाना भी काम नहीं आया। चिराग पासवान राजनीति के ऐसे नेता साबित  हुए जो अपने पिता के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट अपने पाले में नहीं रख सके. इसी के साथ मां को राज्यसभा भेजने का सपना पूरा नहीं हो सका। 

अपने नेताओं को किया था आगे


बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू कैंडिडेट को हराने का काम करने वाले चिराग पासवान की पार्टी के नेता रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट पर उऩकी पत्नी व चिराग  की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजने की गुहार लगा रहे थे। पार्टी के महासचिव "कैफी" ने बजाप्ता प्रेस रिलीज जारी कर प्रधानमंत्री से गुहार लगाई थी कि रीना पासवान को राज्यसभा भेजकर पीएम मोदी रामविलास पासवान को सच्ची श्रद्धांजलि दें। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लोजपा नेता सार्वजनिक तौर पर भी गुहार लगाना कामयाब नहीं हो सका। इस तरह से चिराग पासवान की मंशा एक बार फिर से विफळ हो गई और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी पासवान के निधन से खाली हुई सीट के लिए उम्मीदवार घोषित हो गए।

नीतीश के सहयोग से पासवान भेजे गए थे रास

बता दें, 2019 लोकसभा चुनाव के बाद रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा गया था। पासवान को राज्यसभा बीजेपी और जेडीयू के सहयोग से भेजा गया था।नीतीश कुमार कई बार यह कह चुके हैं कि रामविलास पासवान अगर राज्यसभा सांसद बने थे तो उसमें जेडीयू का ही सहयोग था। यह चिराग पासवान को नहीं भूलना चाहिए। लेकिन रामविलास पासवान के विधऩ के बाद जेडीयू किसी कीमत पर एनडीए के अंदर लोजपा को यह सीट देने को तैयार नहीं हुई। चिराग पासवान पूरी तरह से कोशिश में थे कि भाजपा के समक्ष गिड़गिड़ा कर सीट ले ली जाए। लेकिन नीतीश कुमार के सख्त रूख के बाद चिराग की मंशा कामयाब नहीं हुई।

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