शिवसेना के बागी विधायकों के संजय राउत ने दी खुली धमकी, कहा - महाराष्ट्र में घूमना हो जाएगा मुश्किल, मच गया बवाल

शिवसेना के बागी विधायकों के संजय राउत ने दी खुली धमकी, कहा - महाराष्ट्र में घूमना हो जाएगा मुश्किल, मच गया बवाल

MUMBAI : महाराष्ट्र का राजनीति में दो फाड़ के करीब पहुंच चुकी शिवसेना के कुछ नेताओं की ऐंठन अभी भी कम होती नजर नहीं आ रही है। जिस तरह से पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखनेवाले एकनाथ शिंदे के साथ 37 से ज्यादा विधायकों ने मौजूदा सरकार के खिलाफ बगावती रूख अपनाया है। उसके बाद पार्टी के चाणक्य माने जानेवाले संजय राउत ने उन्हें खुली धमकी दी है। संजय राउत ने कहा है कि वह महाराष्ट्र में खुले नहीं घूम पाएंगे। संजय राउत के इस बयान के बाद अब नया बवाल मच गया है और बागी विधायकों ने इस संबंध में खुद उद्धव ठाकरे इसकी निंदा करें। 

शुक्रवार सुबह खबर आई है कि मुंबई से दो और शिवसेना विधायक गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए हैं। ये चांदीवली से विधायक दिलीप लांडे और गुहागर से विधायक भास्कर जाधव हैं। बाकी 5 और निर्दलीय विधायक शिंदे का शाम तक दामन थाम सकते हैं। इस तरह, शिंदे के पास शिवसेना के विधायकों की संख्या 39 और निर्दलीय विधायकों की संख्या 14 हो जाएगी। यानी 53 विधायकों के साथ शिंदे की शिवसेना मजबूत हो रही है।

क्या कहा था राउत ने

गुरुवार को ही एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान राउत से सवाल किया गया कि क्या उद्धव ठाकरे ही सीएम रहेंगे? इसपर उन्होंने जवाब दिया, 'आने दो हमारे विधायक फ्लोर हाऊस पर फिर देख लेंगे। देखो ये जो विधायक चले गए हैं, इन्हें महाराष्ट्र में आना घूमना बहुत मुश्किल होगा।


37 बागी विधायकों ने शिंदे को अपना नेता घोषित किया

इससे पहले बागी विधायकों को मनाने की तमाम कोशिशें फेल हो चुकी है। असम के गुवाहाटी में डेरा डाले शिवसेना के 37 बागी विधायकों ने गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि एकनाथ शिंदे सदन में उनके नेता रहेंगे। 

हालांकि, इससे पहले दिन में नरहरि जिरवाल ने कहा था कि उन्होंने बागी विधायक एकनाथ शिंदे की जगह अजय चौधरी को सदन में शिवसेना का विधायक दल का नेता नियुक्त किये जाने को मंजूरी दे दी है। शिंदे ने गुरुवार शाम को विधानसभा उपाध्यक्ष को शिवसेना के 37 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र भेजा।

इस दौरान गुवाहाटी के एक होटल में अपने साथी विधायकों को संबोधित करते हुए शिंदे ने मराठी में कहा, 'एक राष्ट्रीय पार्टी जो कि सुपर पॉवर है, ने मुझे बताया है कि आपने जो भी निर्णय लिया है वह ऐतिहासिक है और उन्होंने हमें यह सुनिश्चित किया है कि जो भी मदद की जरूरत होगी वह दी जाएगी।'

लगाए गए बड़े आरोप

गुरुवार को शिवसेना के बागी विधायक शिंदे ने सीएम उद्धव ठाकरे के कल रात के संबोधन के जवाब में तीन पन्नों का एक पत्र ट्वीट किया है जिसमें विधायकों की परेशानियों का जिक्र किया गया है। शिवसेना नेता शिंदे कैंप की तरफ से मराठी में लिखे गए पत्र में लिखा गया था कि आपके पास इकट्ठा हुए कथित चाणक्यों ने हमें राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव की रणनीति से दूर रखा गया। यहां तक कि विधायकों को सीएम से मिलने भी नहीं दिया जाता था

पत्र में कहा गया है कि अपने विधानसभा क्षेत्रों पर काम के लिए हमने कई बार संपर्क किया तो फोन तक नहीं उठते। ये सारी चीजें हम भुगत रहे थे और सभी विधायकों ने यह सहन किया है। हमने आपके आसपास के लोगों को यह बताने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

आज का दिन है महत्वपूर्ण

महाराष्ट्र में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  शिंदे आज भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए जहां शिंदे ने डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल को एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें उनके समर्थन में 37 विधायकों के हस्ताक्षर हैं। शिंदे ने इस चिट्ठी की एक-एक कॉपी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और विधान परिषद के सचिव राजेंद्र भागवत को भी भेजी है। नरहरि इस पर कोई फैसला ले सकते हैं।

वहीं उद्धव ठाकरे आज दोपहर एक बजे मातोश्री में सभी जिला प्रमुखों और शाखा प्रमुखों के साथ एक बैठक करेंगे।



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