23 जवानों को मारने वाले इस नक्सली ने नहीं देखा कभी स्कूल का मुंह, लेकिन धड़ाधड़ बोलता है अंग्रेजी

23 जवानों को मारने वाले इस नक्सली ने नहीं देखा कभी स्कूल का मुंह, लेकिन धड़ाधड़ बोलता है अंग्रेजी

डेस्क:छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को हुई मुठभेड़ में 23 जवान शहीद हो गए. इसका मास्टरमाइंड नक्सलियों की पिपुल्स लिब्रेशन गोरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन 1 का कमांडर हिडमा है.पुलिस को पिछले कुछ दिनों से बीजापुर और सुकमा जिले के जोनागुडा, टेकलगुड़ुम और जीरागांव में हिडमा और उसके साथी नक्सलियों के जमा होने की खुफिया जानकारी मिल रही थी.राज्य की पुलिस ने हिडमा को पकड़ने के लिए ही मिशन लॉन्च किया.

हिडमा की बटालियन के पास आधुनिक हथियार शनिवार को DRG, STF और CRPF के बहादुर जवान नक्सली कमांडर हिडमा के कोर एरिया में घुस गए.हिडमा की बटालियन नंबर 1 आधुनिक हथियारों से लैस रहती है. हैवी फायरिंग में जवान फंस गए और 23 शहादतों का दुख अब प्रदेश झेल रहा है. हालांकि, पुलिस का दावा है कि 12 से अधिक नक्सली भी मारे गए हैं. घटना के बाद मिले इनुपट साझा करते हुए बस्तर रेंज के IG सुदंरराज पी ने बताया कि हिडमा की मौजूदगी की जानकारी हमें मिली थी. मुठभेड़ के दौरान मारे गए नक्सलियों के शव को 3 ट्रैक्टरों में भरकर ले भागे हैं.

हिडमा की सर्चिंग जारी है. 4 साल पहले हिडमा को गोली लगी थी हिडमा दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का बड़ा नक्सल लीडर है. चार साल पहले सुकमा में चलाए गए ऑपरेशन प्रहार में उसे गोली लगी थी, लेकिन बताया जाता है कि वह बच गया. उस पर 25 लाख रुपए का इनाम है.हिडमा बस्तर का रहने वाला इकलौता ऐसा आदिवासी है जो नक्सलियों की सबसे खूंखार बटालियन को लीड करता है. बाकी सभी लीडर आंध्रप्रदेश मूल के हैं. हिड़मा का पूरा नाम मांडवी हिडमा उर्फ इदमुल पोडियाम भीमा है। वह सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके के पुड़अती गांव का निवासी है. अनपढ़ होने को बावजूद वह न सिर्फ फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है, बल्कि कंप्यूटर का भी जानकार है.उसे गुरिल्ला वार में महारत हासिल है. उसने दो शादियां की हैं. इसकी पत्नियां भी नक्सल गतिविधियों में शामिल हैं.हिडमा का पकड़ा जाना बहुत जरुरी है.


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