BIHAR : नहीं रहे पद्म श्री मानस बिहारी वर्मा, देश को दिया था पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस

BIHAR : नहीं रहे पद्म श्री मानस बिहारी वर्मा, देश को दिया था पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस

DARBHANGA : देश को पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान देनेवाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक व समाजसेवी पद्मश्री मानस बिहारी वर्मा का निधन हो गया है। उनका निधन दरभंगा में पैतृक निवास स्थान  घनश्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाउर गांव में हुआ। बताया जा रहा है कि उन्हें सांसों में तकलीफ थी, जिसके कारण उनका निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। 

डा. कलाम से थी गहरी दोस्ती

डा. वर्मा देश की गिनती देश के चुनिंदा वैज्ञानिकों में की जाती रही है। उन्होंने देश को पहला स्वदेशी विमान तेजस को तैयार किया था। साथ ही पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अबूल कलाम उनके गहरे मित्रों में शामिल थे। डॉ. वर्मा कई सालों तक पटना एनआईटी से भी जुड़े रहे। सेवानिवृत्ति के बाद, वह अपने पैतृक गांव लौट आए और शुरू किए गए विकास भारत फाउंडेशन के माध्यम से सुपौल, मधुबनी और दरभंगा के क्षेत्रों में दलित बच्चों को विज्ञान और कंप्यूटर ज्ञान प्रदान करने में शामिल हुए। 

2018 में उन्हें मिला था पद्म श्री सम्मान

डॉ वर्मा ने 35 वर्षों तक वैमानिकी धारा में रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) में एक वैज्ञानिक के रूप में काम किया। उन्होंने बैंगलोर, नई दिल्ली और कोरापुट में स्थापित विभिन्न वैमानिकी विभागों में काम किया। बाद में, उन्हें तेजस विमान यांत्रिक प्रणाली के डिजाइन के लिए जिम्मेदार बनाया गया था। वहवैमानिक विकास अभिकरण में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) की डिजाइन टीम का हिस्सा थे। उन्होंने तेजस  विमान के पूर्ण पैमाने पर इंजीनियरिंग विकास के लिए जिम्मेदार टीम का नेतृत्व किया। उन्हें पूर्व पीएम एबी वाजपेयी द्वारा 'साइंटिस्ट ऑफ द ईयर' पुरस्कार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह द्वारा 'प्रौद्योगिकी नेतृत्व पुरस्कार' दिया गया था।वह 2005 में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। 2018 में, भारत सरकार ने उन्हें वैमानिकी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया



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