चिराग ने पशुपति को लेकर लिखा बेहद मार्मिक पत्र, कहा – पापा के जाने के बाद मैंने उन्हें पितातुल्य माना, लेकिन उन्होंने बेटा नही, प्रतिस्पर्धी समझ लिया

चिराग ने पशुपति को लेकर लिखा बेहद मार्मिक पत्र, कहा – पापा के जाने के बाद मैंने उन्हें पितातुल्य माना, लेकिन उन्होंने बेटा नही, प्रतिस्पर्धी समझ लिया

PATNA : लोजपा में टूट को लेकर बिहार की राजनीति में लगातार आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इन सबके बीच चिराग पासवान ने एक बेहद ही इमोशनल पत्र लोगों के साथ साझा किया है। चार पन्नों के इस लेटर में चिराग ने पार्टी की वर्तमान स्थिति से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। चिराग ने अपने लेटर में नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि किसी दलित नेता को आगे बढ़ना नहीं देना चाहते हैं। पहले उन्होंने पापा को दबाने की कोशिश की और अब मुझे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

चाचा के लिए कही यह बात

चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति पारस को लेकर भी भी बेहद भावापूर्ण बातें लिखी हैं। चिराग ने लिखा है कि पापा ने पार्टी और परिवार को साथ लेकर चलने की पूरी कोशिश की। चाचा रामचंद्र के निधन के बाद उन्होंने प्रिंस को आगे बढ़ने के लिए सहायता दी। इसी तरह वह चाहते थे परिवार के सभी लोग साथ रहें। उन्होंने पशुपति के लिए लिखा कि पापा के निधन के बाद वह परिवार के मुखिया थे। लेकिन, पापा के जाने के बाद उन्होंने कभी इस जिम्मेदारी को निभाना जरुरी नहीं समझा। मैंने उन्हें पिता की जगह स्थान देने की कोशिश की, उनसे मार्गदर्शन की उम्मीद रखी।  लेकिन उन्होंने वह मुझे बेटा मानने की जगह प्रतिस्पर्थी समझने लगे। 

क्या अपने बेटे के साथ भी ऐसा ही करते 

चिराग ने लिखा कि पापा के निधन को अभी नौ माह का समय गुजरा और मैं खुद डेढ़ माह से टायफाइड से जूझ रहा था। ऐसे समय में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए वह ऐसे लोगों के साथ चले गए, जिनके साथ पापा जानी पसंद नहीं करते थे। चिराग ने चाचा पशुपति से पूछा है कि क्या मेरी जगह उनका अपना बेटा होता, तो क्या उसके साथ भी ऐसा ही करते। चिराग ने लिखा कि जिनकी गोद में मेरा पूरा बचपन बिता, वह इस तरह मुंह मोड़ लेंगे, इस पर भरोसा नहीं होता है।


जदयू और नीतीश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

अपने लेटर में चिराग ने लिखा है कि जदयू ने हमेशा से ही लोजपा को तोड़ने की कोशिश की है, पहले 2005 के विधानसभा चुनाव के बाद हमारे 29 विधायकों को तोड़ने की साजिश रची। फिर 2020 में हमारे एकमात्र विधायक को भी उन्होंने अपनी पार्टी में शामिल करा लिया और अब हमारें सासंदों को तोड़ दिया गया। चिराग ने नीतीश कुमार पर अहंकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब पापा बीमार थे, तो पीएम सहित सभी बड़े नेता उनका हालचाल पूछ रहे थे, लेकिन नीतीश जी ने यह कहा कि उन्हें बीमारी के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार के इस प्रवृति के कारण वह उनसे अलग होने की बात कही थी, लेकिन प्रधानमंत्री के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए।




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